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West Bengal: 'पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था ध्वस्त', भाजपा ने टीएमसी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

Sat, 18 Apr 2026 04:54 PM IST
Asmita Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

पश्चिम बंगाल चुनाव में कुछ दिन बचे हैं। इसी बीच भाजपा ने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाया। भाजपा ने कहा कि टीएमसी के राज में पश्चिम बंगाल मे ंलोकतंत्र और कानून-व्यवस्था ध्वस्त है।
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राज्यसभा सांसद सामिक भट्टाचार्य - फोटो : आईएएनएस
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विस्तार
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भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रमुख सामिक भट्टाचार्य ने शनिवार को राज्य में तृणमूल कांग्रेस सरकार हमला किया। उन्होंने सरकार को जीवित जीवाश्म होने का तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार उधार के समय पर जी रही है। जनता ने उसे लगभग नकार दिया है। टीएमसी शासन की ओर से लोकतंत्र को कुचलने और कानून व्यवस्था के ध्वस्त होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक हिंसा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है, जबकि पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

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लोकतंत्र पर हमला किया
उन्होंने राज्य के लोग लोकतंत्र की बहाली चाहते हैं। पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है, जहां 2021 के चुनावों के बाद टीएमसी द्वारा भाजपा के 253 पदाधिकारियों की हत्या कर दी गई थी। टीएमसी के गुंडों द्वारा मचाई गई हिंसा में लोकतंत्र पर हमला हुआ। सभा को याद दिलाते हुए कि 2011 में ममता बनर्जी ने 'लोकतंत्र की बहाली' के नारे के साथ 34 साल के वाम मोर्चा के शासन का अंत किया था।

इसके तुरंत बाद, उनकी पार्टी ने माकपा की गुंडागर्दी और बाहुबल को अपना लिया। अगले दो कार्यकालों तक आतंक का राज कायम किया। उन्होंने लोगों और विपक्षी दलों को डराने-धमकाने की कोशिश की ताकि कोई भी उनके खिलाफ खड़ा न हो सके। राज्य भाजपा प्रमुख ने दावा किया, 'हालांकि, हर चुनाव में लगभग संस्थागत रूप से स्थापित 'सिंडिकेट राज', गुंडागर्दी और बाहुबल के इस्तेमाल से मतदाताओं में असंतोष पैदा हो रहा था, जो डर के मारे अपना मुंह भी नहीं खोल पा रहे थे।"

इनकी राज में बंगाल कर्ज में डूबा
भाजपा के राज्यसभा सांसद ने कहा, यह अभूतपूर्व है कि एक राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति ने राज्यपाल के फोन का जवाब नहीं दिया। कहा कि उन्हें सरकार की मंजूरी की जरूरत है। यह एक और सबूत है कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र गंभीर खतरे में है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल पर टीएमसी के सत्ता संभालने के समय 1.92 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अब बढ़कर 7 लाख करोड़ रुपये हो गया है। राज्य भाजपा प्रमुख ने दावा किया कि टीएमसी के 15 वर्षों के शासनकाल में 1,600 कंपनियों का परिसमापन हुआ, जबकि 6,300 फर्मों ने अपने मुख्यालय स्थानांतरित कर दिए।

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उन्होंने कहा, 'बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में मुख्यमंत्री के साथ तस्वीरें साझा करने वाले लोग यहां निवेश नहीं कर रहे हैं। सिंगूर और नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण की गतिविधियों और टाटा मोटर्स के बंगाल छोड़ने से निवेशकों का भरोसा हिल गया है। भाजपा चुनाव जीतने के बाद निवेशकों का भरोसा बहाल करेगी।' भट्टाचार्य ने कहा कि टीएमसी ने अन्य राज्यों में बंगाली भाषी प्रवासियों पर हमले की झूठी कहानी गढ़ते हुए अनजाने में बंगाल से योग्यता, पूंजी और श्रम के पलायन की पुष्टि कर दी है। उन्होंने आगे कहा, 'अगर आप लोगों की आवाज और मांगों को सुनना चाहेंगे, तो आपको राज्य में टीएमसी विरोधी लहर दिखाई देगी। लोग हमें सत्ता में लाएंगे क्योंकि हमने उन्हें अपने विकास के वादों और घोषणापत्र में उल्लिखित रोडमैप के माध्यम से एक विकल्प दिया है।"

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