भारतीय रेलवे के कोविड-19 आइसोलेशन कोच को स्टैंडबाय पर रखने के महीनों बाद आइसोलेशन कोच की मांगों में एक बार फिर बढ़ोतरी आई है। देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों के मामलों की वजह से गुजरात की सीमा से सटे महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले ने पश्चिमी रेलवे से तकरीबन 95 कोच और 1,500 बेड की मांग की है।
पश्चिमी रेलवे और जिला अधिकारियों के बीच 11 अप्रैल को हस्ताक्षरित एक समझौता के अनुसार, प्रत्येक कोविड -19 ट्रेन में 20 कोच होंगे, जिसमें स्लीपर और जनरल कोच दोनों शामिल होंगे; प्रत्येक कोच में 16 मरीजों को एडमिट करने की छमता है। नंदुरबार जिले के अधिकारियों और पश्चिमी रेलवे के मुंबई डिवीजन के अधिकारियों की बातचीत के बाद इन कोचेज को निर्धारित जगह पर उपलब्ध कराया जाएगा।
वर्तमान में नंदुरबार जिले में 15 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाया गया है। यहां मार्च माह से अब तक प्रतिदिन लगभग 400 कोरोना संक्रमित सामने आ रहे हैं। वहीं महाराष्ट्र में सोमवार को 51,751 नए कोविड -19 मामले सामने आए हैं, जो 5 अप्रैल से अब तक एक दिन में दर्ज होने वाले मामलों में सबसे कम है। राज्य में सोमवार को 258 कोरोना संक्रमितों की मृत्यु हो गई है।
केंद्र ने पिछले साल अप्रैल माह में कोविड-19 आइसोलेशन कोच के लिए पहला प्रोटोटाइप बनाया था; मई 2020 तक कोविड -19 के मामलों में वृद्धि की संभावना को देखते हुए रेलवे ने 15 राज्यों के 215 स्टेशनों में तैनात करने के लिए 5,231 रेलवे कोच तैयार किए थे।
लेकिन राज्यों से कोविड-19 आइसोलेशन कोच की बहुत कम मांग आने की वजह से रेलवे ने 21 मई 2020 को अपने सभी जोन्स को पत्र लिखकर 60% आइसोलेशन कोच का इस्तेमाल सामान्य लोगों के लिए करने को कहा। इन कोच को प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए शुरू की गई श्रमिक स्पेशल ट्रेन में उपयोग करने को कहा गया।