विधानसभा में यह मामला सामने आने पर भाजपा सरकार ने इससे दूरी बनाते हुए एक नियम के हवाले से कहा कि संस्थानों के नजदीक स्थित जमीन, इमारत या साइट को गैर हिंदुओं को लीज पर नहीं दिया जाए। हालांकि स्पष्ट किया कि यह नियम मंदिर परिसरों के बाहर स्ट्रीट वेंडरों पर लागू नहीं होता है। सरकार ने कहा कि वह कोई भी कदम उठाने से पहले जमीनी हालात और नियमों को देखेगा।
कर्नाटक में स्कूल-कॉलेजों में हिजाब पहनने के बवाल के बीच राज्य में मंदिरों के बाहर गैर हिंदुओं को कारोबार नहीं करने की देने की ‘मुहिम’ उडुपी के बाद अन्य जिलों में भी फैलने लगी है। प्रदेश में मंदिर के सालाना मेलों और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान गैर हिंदू कारोबारियों और वेंडरों को अनुमति नहीं देने की मांग सबसे पहले उडुपी में उठी थी। जिले में वार्षिक कौप मैरीगुड़ी पर्व के दौरान पोस्टर बैनर लगाए गए थे जिसमें कहा गया था कि गैर हिंदू व्यापारियों और वेंडरों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
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इसके बाद इसी तरह के पोस्टर बैनर पडुबिदरी मंदिर त्योहार और दक्षिण कन्नड़ जिले में कई मंदिरों के बाहर भी लगाए गए हैं। शुरुआत में मैरी गुड़ी मंदिर प्रबंधन ने कुछ हिंदू समर्थक संगठनों के इस मसले पर आग्रह पर ध्यान दिया था। इस संदर्भ में कुछ हिंदू कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था। इसमें 2002 में बनाए गए कर्नाटक हिंदू धार्मिक संस्थानों और चैरिटेबल एंडोवमेंट्स एक्ट 1997 के नियमों का हवाला दिया गया।
गैर हिंदुओं को टेंडर में हिस्सेदारी से भी दूर रखने की अपील
विश्व हिंदू परिषद की मैसूर यूनिट ने शनिवार को मुजराई (एंडोवमेंट) विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंप कर कहा कि वार्षिक मंदिर मेलों और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान व्यापार के लिए गैर हिंदू व्यापारियों को अनुमति न दी जाए और न ही उन्हें मंदिरों से संबंधित किसी टेंडर में हिस्सेदारी की मंजूरी दी जाए। अधिकारियों से यह भी आग्रह किया गया कि मैसूर में प्रसिद्ध चामुंडेश्वरी मंदिर के करीब मुस्लिम व्यापारियों को दी गई दुकानों के मसले को देखें और आवश्यक कार्रवाई करें।
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मांड्या, शिवमोगा, चिकमंगलूरू, तुमकुरु आदि में भी लगाए बैनर
हिंदू कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने यह कदम हिजाब मुद्दे पर कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ बंद को मुस्लिमों द्वारा समर्थन दिए जाने के बाद उठाया है। यह उनका कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रणाली के प्रति असम्मान को दिखाता है। इसी तरह का ज्ञापन हिंदू कार्यकर्ताओं ने मांड्या, शिवमोगा, चिकमंगलूरू, तुमकुरू और हासन में भी सौंपे और मंदिरों के बाहर गैर हिंदुओं को व्यापार न करने देने संबंधी बैनर लगाए।
कोई भी कदम उठाने से पहले नियमों को देखेगी सरकार
विधानसभा में यह मामला सामने आने पर भाजपा सरकार ने इससे दूरी बनाते हुए एक नियम के हवाले से कहा कि संस्थानों के नजदीक स्थित जमीन, इमारत या साइट को गैर हिंदुओं को लीज पर नहीं दिया जाए। हालांकि स्पष्ट किया कि यह नियम मंदिर परिसरों के बाहर स्ट्रीट वेंडरों पर लागू नहीं होता है। सरकार ने कहा कि वह कोई भी कदम उठाने से पहले जमीनी हालात और नियमों को देखेगा।