3600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी चॉपर डील मामले से आरोपी से गवाह बने राजीव सक्सेना की जमानत रद्द करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट में याचिका दायर की है। एजेंसी का कहना है कि सक्सेना जांच में सहयोग का वादा पूरा नहीं कर रहा है। राउज एवेन्यू अदालत के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने सक्सेना को नोटिस जारी किया है।
अब मामले में अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी। ईडी के विशेष अधिवक्ता एनके माटा ने याचिका में कहा कि राजीव को सरकारी गवाह बनने की अनुमति जांच में सहयोग की शर्त पर दी गई थी। अब वह ऐसा नहीं कर रहा है इसलिए उसकी जमानत रद्द होनी चाहिए। उसे अप्रैल से 11 जुलाई के बीच 25 बार बुलाया गया लेकिन वह जांच में शामिल नहीं हुआ।
कुछ समय पहले ही निचली अदालत ने उसे विदेश यात्रा की अनुमति दी थी। इसे ईडी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी लेकिन वहां उसकी आपत्ति दरकिनार कर सक्सेना को विदेश जाने की सशर्त अनुमति मिल गई। फिर एजेंसी ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। उसकी दलीलों से सहमति जताते हुए 25 जून को अनुमति पर रोक लगा दी गई थी।
ईडी का कहना था कि सक्सेना को काफी दिक्कतों के बाद गिरफ्तार किया गया है। उसे विदेश जाने की अनुमति मिली तो वह भाग जाएगा। केस में नए तथ्य भी सामने आए हैं। इनसे संबंधित पूछताछ करना जरूरी है।