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Supreme Court: जितेंद्र त्यागी व यति नरसिंहानंद की गिरफ्तारी की मांग, सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार

Fri, 02 Sep 2022 11:31 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

याचिका में त्यागी की किताब 'मुहम्मद' पर भी पाबंदी की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस पर सुनवाई से इनकार के बाद याचिकाकर्ता ने अर्जी वापस ले ली। 

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जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी और यति नरसिंहानंद की गिरफ्तारी की मांग करने वाली याचिका को सुनने से इनकार कर दिया। भारतीय मुस्लिम शिया इस्ना आशारी जमात ने दोनों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर याचिका दायर की थी।

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याचिका में त्यागी की किताब 'मुहम्मद' पर भी पाबंदी की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस पर सुनवाई से इनकार के बाद याचिकाकर्ता ने अर्जी वापस ले ली। प्रधान न्यायाधीश यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने सैयद वसीम रिजवी को इस्लाम के खिलाफ अपमानजनक बयान देने से रोकने और रिजवी द्वारा लिखित 'मुहम्मद' नामक पुस्तक के प्रकाशन की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश देने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। चूंकि, याचिकाकर्ता पक्ष पीठ को समझाने में विफल रहा, इसलिए उसने बाद में अपनी याचिका वापस ले ली। अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। 

अंतरिम जमानत अवधि नहीं बढ़ाई, 5 सितंबर से पूर्व करना होगा सरेंडर
इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी, जिन्हें पहले वसीम रिजवी के नाम से जाना जाता था, को दी गई अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया था। न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्न की पीठ ने अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने से इनकार करते हुए त्यागी को पांच सितंबर से पहले आत्मसमर्पण करने को कहा। 
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शीर्ष अदालत ने मामले को अगले शुक्रवार को सुनवाई के लिए पोस्ट किया और त्यागी को सोमवार तक आत्मसमर्पण का प्रमाण पत्र पेश करने को कहा। शीर्ष कोर्ट ने 17 मई को त्यागी को चिकित्सकीय आधार पर तीन महीने की अंतरिम जमानत दी थी। 

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