फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi School Fees: फीस में मनमानी बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगे स्कूल, लगेगा भारी जुर्माना

Tue, 29 Apr 2025 09:23 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्कूलों को फीस बढ़ाने के पहले अभिभावकों और स्कूल प्रशासन के अधिकारियों की कमेटी से इसका प्रस्ताव पास कराना होगा। यह प्रस्ताव जिला और राज्य कमेटी के पास जाएगा। इनसे पास होने के बाद ही स्कूल फीस बढ़ोतरी कर सकेंगे।
विज्ञापन
स्कूल फीस - फोटो : Freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली में कोई भी स्कूल अब मनमाने तरीके से फीस में वृद्धि नहीं कर सकेगा। स्कूलों को फीस बढ़ाने के पहले अभिभावकों और स्कूल प्रशासन के अधिकारियों की कमेटी से इसका प्रस्ताव पास कराना होगा। यह प्रस्ताव जिला और राज्य कमेटी के पास जाएगा। इनसे पास होने के बाद ही स्कूल फीस बढ़ोतरी कर सकेंगे। कोई स्कूल मनमाने तरीके से फीस बढ़ाते हुए पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों पर एक से 10 लाख रुपये तक जुर्माने का भी प्रावधान किया जाएगा। दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इस प्रस्ताव को कानून का रूप दिया जाएगा।  
विज्ञापन


दरअसल, कुछ ही दिन पहले दिल्ली के कुछ नामी स्कूलों ने अपनी फीसों में बड़ी वृद्धि कर दी थी। कुछ स्कूलों ने बच्चों की फीस में दो गुने से अधिक तक की बढ़ोतरी कर दी थी। बच्चों के द्वारा बढ़ी फीस न देने पर बच्चों को स्कूल की लाइब्रेरी में रोक लिया गया था। इसके बाद अभिभावकों ने खूब हंगामा काटा। विपक्षी आम आदमी पार्टी ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया। इसके बाद आनन-फानन में दिल्ली सरकार ने जिलाधिकारियों के माध्यम से जांच करवाकर फीस वृद्धि मामले की जांच की।   

किसे मिलेगा लाभ
दिल्ली में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सरकार के नियमों के अंतर्गत चलती है। लेकिन 1677 वित्तीय सहायता प्राप्त स्कूल अपने स्तर पर फीस बढ़ाने के लिए स्वतंत्र होते हैं। इसके अलावा पूरी तरह प्राइवेट स्कूल अपनी इच्छानुसार फीस बढ़ाते रहे हैं। लेकिन सरकार के नए प्रावधान के बाद किसी भी प्रकार के स्कूल, चाहे वे सरकार से कोई आर्थिक सहायता लेते हों या नहीं, मनमाने तरीके से फीस में बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगे। अब अभिभावकों की कमेटी भी स्कूल फीस बढ़ाने के निर्णय में शामिल रहेगी। इससे शहर के लाखों परिवारों के बच्चों को लाभ मिलने की उम्मीद है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें