रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने स्वीकार किया, स्टेशन पर डिस्प्ले बोर्ड और प्लेटफार्म पर ट्रेन के कोच सम्बंधित जानकारी देने वाले डिस्प्ले नही लगे है। इससे यात्रियों को दिक्कत हो रही है।
राजधानी दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन इन दिनों अव्यवस्था और बदइंतजामी का उदाहरण बन गया है। रेलवे ने बिना किसी ठोस तैयारी के स्टेशन को शुरू कर दिया है। जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। स्टेशन पर हालात ऐसे हैं कि प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों के कोच सम्बधी जानकारी देने वाले डिस्प्ले बोर्ड तक नहीं लगाए गए हैं। ट्रेन कब आएगी, किस प्लेटफॉर्म पर आएगी इसकी जानकारी के लिए यात्री इधर उधर भटकते नजर आ रहे हैं। अमर उजाला को कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें ट्रेन पकड़ने के लिए आखिरी समय तक असमंजस में रहना पड़ता है।
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शनिवार शाम को रेलवे स्टेशन की इस बदइंतजामी को खुद रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी करीब से देखा। वह इसी स्टेशन से एक शहर के लिए यात्रा करने पहुंचे थे। अमर उजाला डिजिटल ने उन्हें मौके पर यात्रियों की परेशानियों से अवगत कराया। रवनीत सिंह बिट्टू ने स्वीकार किया, स्टेशन पर डिस्प्ले बोर्ड और प्लेटफार्म पर ट्रेन के कोच सम्बंधित जानकारी देने वाले डिस्प्ले नही लगे है। इससे यात्रियों को दिक्कत हो रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही इस स्टेशन से सम्बंधित सभी कमियों को दूर किया जाएगा ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।
गर्मी में परेशान हो रहे यात्री
स्टेशन पर एक तरफ निर्माण कार्य जारी है। इससे प्लेटफॉर्म नंबर एक में धूल और अवरोध के चलते यात्रियों को दिक्कतें होती है। दिल्ली के रहने वाले यात्री सुप्रीत ने अमर उजाला को बताया कि,बिना तैयारी स्टेशन शुरू करना सीधे तौर पर रेलवे की गंभीर लापरवाही है। कई लोग ट्रेन छूटने के डर से प्लेटफॉर्म पर भागते नजर आते हैं, क्योंकि उन्हें सही जानकारी समय पर नहीं मिलती। यात्री राहुल का कहना है,इस स्टेशन के पूछताछ केंद्र पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। वहां कोई जानकारी देने वाला ही नहीं मौजूद है। वही, यहां बैठने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। एक अन्य महिला यात्री रेखा ने अमर उजाला से कहा, प्लेटफार्म पर कोच की जगह आएगा इसका कोई भी डिसप्ले बोर्ड तक नहीं लगाए गए है। वही वेटिंग एरिया में भी बैठने की जगह नहीं है। साथ ही इतनी गर्मी में पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है।
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इसी अव्यवस्था के बीच इंदौर-दिल्ली त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस के समय, रूट और स्टेशन में बदलाव ने यात्रियों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। पहले यह ट्रेन सुविधाजनक मानी जाती थी। लेकिन अब समय औऱ स्टेशन के बदलाव के चलते यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। यात्रियों का कहना है कि, एक तरफ ट्रेन के समय और रूट में बदलाव से यात्रियों की परेशानी बढ़ी है, तो दूसरी तरफ स्टेशन की बदहाल व्यवस्था ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।