प्रदूषण के मामले में पूर्वी दिल्ली का आनंद विहार क्षेत्र कई बार सबसे 'खराब' स्तर पर पहुंच जाता है। अनेक राज्यों से आने वाली डीजल चलित बसें यहां का वातावरण लगातार खराब करती रहती हैं। इस वर्ष प्रदूषण से निबटने के लिए पूर्वी दिल्ली नगर निगम अभी से तैयारी कर रहा है। बुधवार को पानी छिड़काव के लिए 40 नए टैंकर लगाए जा रहे हैं।
इसके अलावा छह जेटिंग मशीनें, दो सुपर सकर, चार ऑटो माउंटेड पीकर मशीनें, छह मैकेनिकल स्वीपर मशीनें और छह सक्शन कम जेटिंग मशीनों को लगाया जा रहा है। इससे पूरे इलाके में प्रदूषण से निबटने में मदद मिलेगी। इसी प्रकार दिल्ली सरकार भी अनेक स्तरों पर प्रदूषण से निबटने के प्रयास कर रही है।
राजधानी में प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्यों में जलाई जाने वाली पराली की भूमिका पर भी विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली भाजपा ने कहा है कि प्रदूषण के लिए पराली की भूमिका उतनी अधिक महत्त्वपूर्ण नहीं है क्योंकि कुल प्रदूषण में पराली से होने वाले प्रदूषण की मात्रा केवल दो फीसदी ही है।
भाजपा नेता मनोज तिवारी ने कहा है कि राजधानी में प्रदूषण के लिए यातायात व्यवस्था में कमी जिम्मेदार है क्योंकि प्रदेश सरकार ने पर्याप्त यातायात सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई है जिसके कारण लोग मजबूरन प्राइवेट वाहन इस्तेमाल कर रहे हैं जो प्रदूषण का कारण बन रही है।
प्रदूषण से बचने के लिए भाजपा नेता जगह-जगह पर लोगों को मास्क बांट रहे हैं। तिवारी ने कुछ फोटो साझा करते हुए आरोप लगाया है कि किसानों को बदनाम करने के लिए हरे खेतों में पराली जलाने के नकली फोटो साझा किए जा रहे हैं, जबकि पराली केवल पके धान के खेतों में फसल की कटाई के बाद ही जलाई जाती है। भाजपा नेता ने कहा है कि पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने से रोकने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं, आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को पत्र लिखकर राजधानी के प्रदूषण पर आधिकारिक आंकड़े साझा करने की मांग की है। मंत्री का आरोप है कि दिल्ली के प्रदूषण पर गलत बयानी की जा रही है। दिल्ली सरकार ने राजधानी का प्रदूषण स्तर 25 फीसदी कम करने का भी दावा किया था।