नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों को हिंसक बनाने वालों की पहचान कर ली गई है। दिल्ली पुलिस ने ड्रोन और सीसीटीवी फुटेज की मदद से हिंसा फैलाने वाले लोगों का पता लगाया है। अभी तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी किसी भी वक्त हो सकती है।
दिल्ली पुलिस ऐसे उपद्रवियों के बहुत करीब तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा सोशल मीडिया जैसे कि फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सअप पर लोगों को भड़काने वाली सामग्री डालने और उसे फारवर्ड करने वालों की सूची बनाई जा रही है। दिल्ली पुलिस ने इसके लिए सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म को लिखा है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस को पता चला है कि नागरिकता संशोधन कानून की आड़ में उपद्रवी तत्व हिंसा फैला रहे हैं। पुलिस को इस तरह की जानकारी मिल रही है कि ऐसे तत्व दिल्ली के विभिन्न इलाके में हिंसा फैलाने का प्रयास कर सकते हैं। जाफराबाद और सीलमपुर मामले में अभी तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
ड्रोन और सीसीटीवी की फुटेज में कई ऐसे लोगों का चेहरा सामने आया है, जिन्होंने नारेबाजी कर शांत तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों को उकसाया। सोशल मीडिया के जरिए जाफराबाद और सीलमपुर की घटना के वीडियो दिल्ली के दूसरे इलाकों में भेजे गए। ये काम करीब दो दर्जन से अधिक लोगों ने किया था। पुलिस इनकी जांच कर रही है।