जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने पटपड़गंज में जल व्यवस्था में एक अधिकारी की लापरवाही से नाराज होकर उसे निलंबित करने का आदेश दे दिया। बताया जा रहा है कि मंत्री के इस फैसले के बाद पूरे विभाग में सनसनी फैल गई है। अधिकारियों में मंत्री की यह सतर्कता चर्चा का विषय बन गई है।
एक ही दिन पहले यह खबर दिल्ली में चर्चा का केंद्र बन गई थी कि भाजपा सरकार में भी सरकारी अधिकारी-कर्मचारी नेताओं-मंत्रियों की बात नहीं सुन रहे हैं। दिल्ली विधानसभा में स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने इस बाबत मुख्य सचिव को एक पत्र लिखकर इसके विरुद्ध कदम उठाने के लिए कहा था। इसके अगले ही दिन सरकार ने ऑन द स्पॉट फैसला करने वाले अंदाज में एक अधिकारी को निलंबित कर यह संदेश दे दिया है कि अधिकारियों की मनमानी नहीं चलने पाएगी। जनता के कामकाज करने में कोई भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गलत करने पर अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने पटपड़गंज में जल व्यवस्था में एक अधिकारी की लापरवाही से नाराज होकर उसे निलंबित करने का आदेश दे दिया। बताया जा रहा है कि मंत्री के इस फैसले के बाद पूरे विभाग में सनसनी फैल गई है। अधिकारियों में मंत्री की यह सतर्कता चर्चा का विषय बन गई है।
दरअसल, कहा जा रहा है कि पटपड़गंज के कुछ क्षेत्रों में पानी की सप्लाई में परेशानी हो रही थी, जबकि सीवर की सही तरीके से सफाई न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा था। इस बात की शिकायत स्थानीय लोगों ने की थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि जब क्षेत्र के लोगों ने स्थानीय विधायक रवी सिंह नेगी से इसकी शिकायत की तो उन्होंने भी इस कमी को दूर कराने की कोशिश की, लेकिन कई बार कहने के बाद भी अधिकारी काम नहीं कर रहे थे।
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इससे नाराज होकर विधायक ने जल मंत्री से इसकी शिकायत कर दी। इसके बाद मंत्री के औचक निरीक्षण में अव्यवस्था पाई गई जिसके बाद अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई। इस पर इसी क्षेत्र से पूर्व विधायक मनीष सिसोदिया ने तंज कसते हुए इसे भाजपा की लापरवाही करार दिया था। अधिकारी पर चर्चा के बाद यह पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।