बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने दिल्ली-एनसीआर के सभी स्कूलों को शुक्रवार तक बंद रखने की सिफारिश की है। साथ ही हॉट मिक्स प्लांट, स्टोन क्रशर समेत कोयले से चलने वाली फैक्ट्रियां भी बंद रहेंगी।
सीपीसीबी की सिफारिश पर ईपीसीए ने सभी राज्यों को इसके दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। ईपीसीए अध्यक्ष भूरेलाल का कहना है कि प्रदूषण के लिहाज से दिल्ली-एनसीआर के हालात आपातकाल तक पहुंच गए हैं। ऐसे में सभी स्कूल दो दिन के लिए बंद कर दिए जाएं।
ईपीसीए के दिशानिर्देश के बाद दिल्ली सरकार ने दो दिन के लिए स्कूल बंद रखने का फैसला किया। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना था कि उत्तर भारत में पराली प्रदूषण के कारण बिगड़ते हालात देखते हुए दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को बृहस्पतिवार व शुक्रवार को बंद करने का फैसला लिया है।
इससे पहले सीपीसीबी की टास्क फोर्स ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। सीपीसीबी ने पूर्वानुमान में बृहस्पतिवार को हालात और ज्यादा गंभीर होने की आशंका जताई थी। उसका कहना था कि हवा की गुणवत्ता 500 से पार जा सकती है।