दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाकों में फैली हिंसा को लेकर अल्पसंख्यक आयोग ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। आयोग के अध्यक्ष डॉक्टर जफरुल इस्लाम खान ने इन मामलों पर संज्ञान लेने और दंगाइयों को नोटिस जारी करने की बात कही है। यह मामला इसके पहले सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है।
दिल्ली हिंसा का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है। वहां कल बुधवार को इस पर सुनवाई हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट शाहीन बाग के मामले पर भी बुधवार को सुनवाई करने वाला है। सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त वार्ताकारों साधना रामचंद्रन, संजय हेगड़े और वजाहत हबीबुल्ला ने अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंप दी है।
वार्ताकारों ने महिलाओं को सड़कें खाली करने का अनुरोध किया था जिसे पूरी तरह अस्वीकार कर दिया गया था। वहीं, हबीबुल्ला ने बंद के लिए प्रदर्शन से ज्यादा दिल्ली पुलिसे के बेवजह के बंद को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा है कि पुलिस ने अनेक जगहों पर बिना आवश्यकता के बैरीके़डिंग लगा रखी है जिसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है।