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दिल्ली, हरियाणा-पंजाब : धुएं की चादर में लिपटे दिखे तीनों राज्य, नासा ने साझा की तस्वीर

Fri, 19 Nov 2021 01:48 AM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाके में दीपावली के दौरान फोड़े गए पटाखों और पराली जलाए जाने से वायु प्रदूषण काफी बढ़ गया है। ऐसे में नासा की एक तस्वीर सामने आई है जिसमें यह पूरा इलाका धुएं की चादर से ढंका दिखाई दे रहा है। यह धुएं की चादर किसी नदी की तरह दिखती है। इस तस्वीर में एक और खास बात भी है।
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दिल्ली वायु प्रदूषण - फोटो : istock
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विस्तार
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नासा ने अपने सैटेलाइट से ली गई भारत की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाके की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की है। यह तस्वीर बीती 11 नवंबर को खींची गई है। इसमें दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के इलाकों को धुएं के गुबार से ढंके हुए देखा जा सकता है। 

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इस तस्वीर में एक और खास बात भी है। वह यह कि नासा ने इसमें कुछ 'लाल बिंदु' भी दर्शाए हैं। यह लाल बिंदु खेतों में आग लगाए जाने यानी पराली जलाए जाने की घटना को इंगित करते हैं। नासा के मार्शल स्पेस फ्लाइट सेंटर में रिसर्च एसोसिएशन के वैज्ञानिक पवन गुप्ता ने इस संबंध में कहा कि 11 नवंबर को धुएं के गुबार का आकार और इस क्षेत्र में जनसंख्या घनत्व को देखते हुए मैं कहूंगा कि इस एक दिन में कम से कम 2.2 करोड़ लोग धुएं से प्रभावित हुए थे।

यह तस्वीर ऐसे समय में सामने आई है, जब दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों व राज्यों में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। इसके चलते दिल्ली सरकार ने पांच बिजली स्टेशनों को बंद कर दिया है और संकट को रोकने के लिए स्कूलों को भी बंद किया जा रहा है। यहां तक की सुप्रीम कोर्ट में भी वायु प्रदूषण को लेकर जिरह हुई है।
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राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास के इलाके में आमतौर पर नवंबर के महीने में प्रदूषण का स्तर और वातावरण में पीएम 2.5 का स्तर बढ़ जाता है। करीब-करीब इसी समय दीपावली के पर्व पर लोग पटाखे फोड़ते हैं और इसके साथ ही किसान भी खेतों में नई बुवाई के लिए पराली जलाते हैं। यह दोनों ही वायु प्रदूषण को बढ़ाने वाले कारक होते हैं। इसके अलावा मोटर वाहनों से निकाल धुआं इसमें इजाफा ही करता है। औद्योगिक और निर्माण गतिविधि और सड़क की धूल भी प्रदूषण बढ़ाते हैं। इन सबके मिलने से दिल्ली और उसके आसपास का इलाका प्रदूषण की चादर से ढंक जाता है।

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