दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी मार्लेना ने शिक्षक संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत राजधानी के सरकारी स्कूलों के 5000 शिक्षकों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज शिक्षा का अर्थ बच्चों को ज्यादा से ज्यादा नंबर लाने में बदलता जा रहा है, लेकिन शिक्षकों को ध्यान रखना चाहिए कि अच्छे मार्क्स लाना शिक्षा का एक पहलू है, इसका असली उद्देश्य छात्रों को एक बेहतर इंसान बनाना है जो अपने देश, समाज और परिवार के लिए एक बेहतर इंसान साबित हो सकें।
हैप्पीनेस करिकुलम के जरिए राजधानी के बच्चों को शिक्षित करने और उन्हें बेहतर इंसान बनाने की कोशिश शुरू की गई थी। पहले कुछ लोगों ने इसकी आलोचना भी की थी, लेकिन बाद में यह समझ आया कि इसका बेहतर परिणाम मिल रहा है और बच्चे पहले की तुलना में ज्यादा खुश रहने लगे थे। इसका बड़ा परिणाम अभिभावकोंं में भी देखा गया और एक सर्वे में यह पाया गया था कि इन बच्चों के अभिभावक भी पहले की तुलना में ज्यादा बेहतर ढंग से रहने लगे थे और पारिवारिक तनाव में काफी कमी आई थी। इसे हैप्पीनेस करिकुलम का परिणाम बताया गया था।
इस पांच दिवसीय ट्रेनिंग शिविर का आयोजन एससीईआरटी द्वारा त्यागराज स्टेडियम में किया गया था। रविवार को समापन समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा कि उनका उद्देश्य बच्चों के संपूर्ण विकास पर केंद्रित है। दिल्ली सरकार बच्चों के प्रोफेशनल विकास के साथ-साथ उनके अंदर मानवीय गुणों का भी विकास करना चाहती है। इस कार्य को करने के लिए शिक्षकों की भूमिका सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण होती है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में आज से लगभग 5 साल पहले इस करिकुलम की शुरुआत हुई। इसे सफलता मिल रही है| शिक्षक और बच्चे अपने जीवन के असल मकसद को समझ रहे है| उन्होंने कहा कि हम गणित,अंग्रेजी,इतिहास सब सीख सकते है, लेकिन उससे पहले ये सीखना जरूरी है कि हमें एक अच्छा इंसान कैसे बनना है।
शिक्षकों ने भी साझा किया अपना अनुभव
इस अवसर पर शिक्षकों ने भी अपना अनुभव शेयर किया। उन्होंने बताया कि जब से उन्होंने बच्चों को एक अलग तरीके से समझना और समझाना शुरू किया है, उन्हें बेहतर अनुभव प्राप्त हो रहे हैं। बच्चों के बीच भी अब उनकी स्वीकार्यता ज्यादा हो रही है।