दिल्ली नगर निगम चुनाव सामने देख राजनीति गरम हो गई है। आम आदमी पार्टी ने भाजपा शासित नगर निगम में 2500 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस मुद्दे को विधानसभा में उठा चुके हैं, तो पार्टी नेता विभिन्न माध्यमों से इस मामले को उठा रहे हैं। वहीं भाजपा ने इसे आम आदमी पार्टी का एक कोरा झूठ करार दिया है। पार्टी ने रविवार को अखबारों में विज्ञापन देकर इस 2500 करोड़ रुपये के मामले की सच्चाई जनता को बताई और कहा कि अब वह इस मामले को जनता के सामने ले जाएगी।
आम आदमी पार्टी नेता दुर्गेश पाठक ने रविवार को कहा कि भाजपा शासित नगर निगम भ्रष्टाचार का अड्डा बन गए हैं और दिल्ली का हर आदमी इस बात को जानता है। किसी को नगर निगमों में एक छोटा सा भी काम करना हो, तो बिना भ्रष्टाचार के वह काम पूरा नहीं हो पाता। उन्होंने कथित 2500 करोड़ के भ्रष्टाचार का मामला भी उठाया और कहा कि मंगलवार को दिल्ली के सभी 272 वार्डों में विशेष अभियान चलाकर लोगों को इसके बारे में जानकारी दी जाएगी।
द्वारका की एक फैक्ट्री में आग लगने के कारण हुई बच्चों की मौत की घटना को भी आम आदमी पार्टी ने भ्रष्टाचार और भयानक लापरवाही का मामला बताया है। पार्टी नेता विनय मिश्रा ने कहा कि नगर निगमों के नेता फैक्ट्रियों से रिश्वत लेते हैं और भ्रष्टाचार करते हुए अवैध फैक्ट्रियों को चलने देते हैं। इसकी कीमत आम लोगों को जान देकर चुकानी पड़ती है।
भाजपा चलाएगी विशेष अभियान
दिल्ली भाजपा ने कहा है कि 2500 करोड़ का कोई भ्रष्टाचार हुआ ही नहीं है और यह अरविंद केजरीवाल के दूसरे झूठों की तरह है, जिसे कभी साबित नहीं किया जा सका है। प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा है कि इस प्रकार का दुष्प्रचार करके आम आदमी पार्टी 13 हजार करोड़ रुपये निगमों को देने की जिम्मेदारी से बचना चाहती है, लेकिन इसके लिए दिल्ली बीजेपी विशेष अभियान चलाएगी।