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नगर निगमों को साथ ले अमित शाह ने चली सधी चाल, मजबूत होगी कोरोना से लड़ाई 

Mon, 15 Jun 2020 09:51 PM IST
Rohit Ojha अमित शर्मा, नई दिल्ली

सार

तीनों नगर निगमों ने आठ बड़े अस्पतालों, सैकड़ों कम्यूनिटी सेंटर, डॉक्टरों-नर्सों की सेवाएं देने की पेशकश की, कोरोना के सर्वोच्च काल में लोगों को इलाज देने में होगी सुविधा।       

 

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण के मामले में सबसे ज्यादा संख्या ऐसे रोगियों की होती है, जिनमें या तो कोई लक्षण नहीं पाए जाते हैं या माइल्ड लक्षण दिखाई पड़ते हैं। ऐसे रोगियों की संख्या कुल रोगियों की 80 फीसदी तक पाई गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इन रोगियों की देखभाल के लिए स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सामान्य प्रशिक्षित नर्स या पारामेडिकल स्टाफ भी इनकी देखरेख कर सकते हैं।

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यही कारण है कि कोरोना की लड़ाई में हाई स्पेशलिस्ट सेवाओं की बजाय प्राथमिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत होना ज्यादा महत्त्वपूर्ण माना गया है। इस लिहाज से देखें तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नगर निगमों को कोरोना की लड़ाई में शमिल कर एक सधी शुरुआत की है। माना जा रहा है कि इससे कोरोना की लड़ाई ज्यादा मजबूती के साथ लड़ी जा सकेगी। 

पूर्वी दिल्ली नगर निगम के स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन संदीप कपूर ने 'अमर उजाला' को बताया कि कोरोना की लड़ाई में अपनी सहभागिता के लिए वे पूरी तरह से तैयार हैं। निगम के पास इस समय स्वामी दयानन्द अस्पताल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी दो बड़े अस्पताल हैं। निगम के अंतर्गत 247 डॉक्टर और 217 प्रशिक्षित नर्सें काम करती हैं। इसके आलावा 200 से अधिक पारामेडिकल स्टाफ भी लोगों की सेवा कर रहे हैं जिनका उपयोग इस दौरान किया जा सकता है। 

पूर्वी दिल्ली नगर निगम के पास एक पोलीक्लिनिक, सात मैटरनिटी होम, एक लेप्रोसी होम, 23 एम एंड सीडब्ल्यू सेंटर, 10 डिस्पेंसरी, 8 मॉडर्न डिस्पेंसरी हैं। इसके अलावा कई होटल, 71 कम्यूनिटी हॉल, 227 स्कूल बिल्डिंग हैं जिन्हें जरूरत पड़ने पर कोरोना वार्ड में तब्दील किया जा सकता है। 

उत्तरी दिल्ली नगर निगम की भी बड़ी क्षमता 

कोरोना की लड़ाई में उत्तरी दिल्ली नगर निगम भी बड़ी भूमिका निभा सकता है, क्योंकि इसके पास भी इंफ्रास्ट्रक्चर का अच्छा ढांचा मौजूद है। निगम के चेयरमैन अवतार सिंह ने बताया कि उनके पास 119 कम्युनिटी हॉल, चार स्टेडियम, चार स्पोर्ट्स क्लब हैं, जिन्हें सरकार किसी भी समय कोरोना वार्ड में तब्दील कर सकती है। विभिन्न अस्पतालों में 2377 बेड भी उपलब्ध हैं। निगम के बाड़ा हिन्दू राव अस्पताल को रविवार को ही कोविड सेवाओं के लिए ले लिया गया है। 

दिल्ली की पॉश एरिया माने जाने वाले दक्षिणी नगर निगम में भी पर्याप्त सुविधाएं हैं, जिनका कोरोना की लड़ाई में उपयोग किया जा सकता है। निगम के पास 71 कम्युनिटी सेंटर और एक बड़ा स्पोर्ट्स ग्राउंड है। कुल अस्पतालों में 120 बेड भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा एरिया के विभिन्न इलाकों में अनेक छोटे-बड़े होटल हैं जिन्हें जरूरत पड़ने पर कोरोना वार्ड की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। 

बिलकुल सही कदम 

दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के चेयरमैन डॉक्टर अरविंद चोपड़ा ने कहा कि अगर किसी मरीज में कोई अन्य बीमारियाँ न हों तो कोरोना इलाज के मामले में ज्यादा कठिनाई नहीं आती है। इलाज के दौरान मरीज का रक्तचाप, हृदयगति की माप रखने जैसे सामान्य देखभाल की आवश्यकता होती है जिसे कोई सामान्य प्रशिक्षित व्यक्ति भी कर सकता है। इस दौरान कुछ सामान्य दवाओं को ही देना होता है। इस प्रकार इस लड़ाई में सामुदायिक सेवाओं को साथ लेने से यह लड़ाई मजबूत हो जाएगी। 

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