वित्तमंत्री अरुण जेटली से मानहानी केस पर कानूनी लड़ाई लड़ रहे अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता तेजिंदर पाल बग्गा ने ट्वीट करके आरोप लगाया है कि केजरीवाल दिल्ली सरकार के पैसे से अपने वकील राम जेठमलानी की फीस भर रहे हैं।
वहीं, इस बीच राम जेठमलानी ने कहा है, मैं अमीरों से ही पैसे लेता हूं जबकि गरीबों के लिए मुफ्त में काम करता हूं। यहां तक कि अगर दिल्ली सरकार मुझे पैसे नहीं देती है तो मैं फ्री में केस लड़ूंगा, उन्हें (केजरीवाल) मैं अपने गरीब क्लाइंटों में से एक मानता हूं।
I charge only the rich but for poor I work for free. All this is instigated by Mr.Jailtley who's afraid of my cross-examination-Jethmalani pic.twitter.com/GnKjDq0pv4
— ANI (@ANI_news) April 4, 2017
टीवी चैनल टाइम्स नाउ के मुताबिक राम जेठमलानी की रिटेनरशिप फीस एक करोड़ है, जबकि हर सुनवाई की फीस 22 लाख रुपए है। एक दूसरी चिट्ठी में दस्तावेज हैं, जिसमें दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने लिखा है, जेठमलानी का बिल आने पर उन्हें भुगतान कर दिया जाए। इसे उप राज्यपाल अनिल बैजल के पास मंजूरी के लिए न भेजा जाए।
दस्तावेजों के मुताबिक मानहानि केस के लिए जेठमलानी 13 बार कोर्ट गए। ऐसे में दिल्ली सरकार ने उन्हें कुल 86 लाख रुपए का भुगतान किया। यह पैसा जनता के टैक्स से दिया गया। बताते चलें कि जेठमलानी ने शुरू में ऐलान किया था कि वह केजरीवाल का केस मुफ्त में लड़ेंगे।
वित्त मंत्री अरुण जेटली का आरोप था कि अरविंद केजरीवाल, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह, राघव चड्ढा और दीपक वाजपेयी ने डीडीसीए के जुड़े मामले में उनके खिलाफ झूठे और अपमानजनक कमेंट किए। इससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ। इसे लेकर उन्होंने 10 करोड़ रुपए का मानहानि का मामला दर्ज कराया था।