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Arvind Kejriwal: भ्रष्टाचार पर वार, सबसे बड़ा चुनावी हथियार; केजरीवाल की गिरफ्तारी ने सेट किया 2024 का एजेंडा

सार

Arvind Kejriwal Arrest: आम आदमी पार्टी नेता प्रियंका कक्कड़ ने कहा है कि भ्रष्टाचार के नाम पर केवल विपक्ष को दबाने का काम किया जा रहा है। अब तक जांच एजेंसी सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और इनकम टैक्स विभाग की पूरी कार्रवाई केवल विपक्षी दलों और उसके नेताओं पर हुआ है।
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल - फोटो : ANI
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विस्तार
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अरविंद केजरीवाल की शराब घोटाले में गिरफ्तारी ने 2024 के लोकसभा चुनावों का एजेंडा सेट कर दिया है। आम आदमी पार्टी ने घोषणा कर दी है कि वह अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में पूरे देश में धरना-प्रदर्शन का आयोजन करेगी। आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता 'मैं भी केजरीवाल' की तख्ती-बैनर और टोपी पहने केंद्र सरकार और भाजपा का विरोध कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी को कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों का साथ मिलना भी शुरू हो गया है। राहुल गांधी से लेकर प्रियंका गांधी तक ने इसे लोकतंत्र को दबाने की कार्रवाई बताया है। 
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वहीं, भाजपा का कहना है कि केंद्र सरकार भ्रष्ट नेताओं पर सख्त कार्रवाई कर रही है। यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। यदि किसी ने भ्रष्टाचार किया है तो उसे इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा, चाहे वह कितने ही बड़े पद पर क्यों न हो। यानी इस मुद्दे के साथ ही 2024 के लोकसभा चुनावों का एजेंडा सेट हो गया है।       



मोदी बर्दाश्त नहीं करते भ्रष्टाचार: भाजपा
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ल ने अमर उजाला से कहा कि आज विपक्ष को एक सूत्र में बांधने का एकमात्र एजेंडा 'भ्रष्टाचार' ही रह गया है। अरविंद केजरीवाल जिस कांग्रेस को भ्रष्ट बताते थे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, लालू प्रसाद यादव और शरद पवार को भ्रष्ट बताते थे, आज वे उन्हीं के साथ खड़े हैं। ऐसा केवल इसलिए हो रहा है क्योंकि उन्हें लगता है कि भ्रष्टाचार के मामले में अब उनका बचना संभव नहीं रह गया है। यही कारण है कि वे सब एक दूसरे के साथ खड़े होकर एक दूसरे को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। 
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प्रेम शुक्ल ने कहा कि भाजपा ने अपने संकल्प पत्र (घोषणा पत्र) का हर वादा निभाया है। राम मंदिर बनवाना हो या 370 को समाप्त करना, तीन तलाक से मुक्ति हो या गरीबों का कल्याण करना, केंद्र सरकार ने अपना हर वादा निभाया है। प्रेम शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने चुनावी अभियान में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने का भी वादा किया था। केंद्रीय जांच एजेंसियों को भ्रष्ट लोगों पर कार्रवाई करने की खुली छूट देकर केंद्र सरकार ने यही कार्य किया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट लोगों पर कार्रवाई के मामले में पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा है।      

 

केवल विपक्ष पर कार्रवाई क्यों: आप 
आम आदमी पार्टी नेता प्रियंका कक्कड़ ने कहा है कि भ्रष्टाचार के नाम पर केवल विपक्ष को दबाने का काम किया जा रहा है। अब तक जांच एजेंसी सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और इनकम टैक्स विभाग की पूरी कार्रवाई केवल विपक्षी दलों और उसके नेताओं पर हुआ है। उन्होंने कहा कि अदालत ने कहा था कि इस मामले में कोई मनी ट्रेल नहीं मिली है, इसके बाद भी आम आदमी पार्टी नेताओं पर कार्रवाई करना भाजपा की गलत नीयत को साबित करता है। 

प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि अदालत ने यहां तक साफ किया है कि बिना चार्जशीट दाखिल किए किसी को लंबे समय तक जेल में नहीं रखा जा सकता। लेकिन उनके नेताओं को साल-साल भर जेल में बंद रखा जा रहा है। अब तक उन पर कोई आरोप साबित नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सीधे-सीधे केंद्र सरकार के गलत इरादों को दिखाता है।       

विपक्ष का भाजपा पर आरोप लगाना कठिन: विशेषज्ञ 
राजनीतिक विश्लेषक सांतनु गुप्ता ने अमर उजाला से कहा कि इस मामले में भाजपा या केंद्र सरकार को दोषी ठहराना कठिन है। जब हाईकोर्ट में अरविंद केजरीवाल के मामले पर सुनवाई चल रही थी, तब अदालत ने ईडी से उन साक्ष्यों को पेश करने के लिए कहा था जिसके आधार पर वह केजरीवाल से पूछताछ करना चाहती थी। लेकिन जब ईडी ने सबूतों की फाइल जज के सामने रखी तब अदालत ने केजरीवाल को गिरफ्तारी से छूट देने से साफ इनकार कर दिया। अदालत की भाषा में यह दिखाता है कि अदालत ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ प्राथमिक तौर पर पर्याप्त साक्ष्य पाया है। 

सांतनु गुप्ता ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार के द्वारा नीतियों में बड़ा बदलाव करना, शराब व्यापारियों को अनुचित लाभ पहुंचाना, कमीशन को दो प्रतिशत से 12 प्रतिशत तक बढ़ाना और नीतियों में बदलाव करके एक ही कंपनी को एक ही एरिया में होलसेल और खुदरा बिक्री की छूट देना यह साबित करता है कि इसके पीछे गलत मंशा से काम किया गया। 

सबसे बड़ी बात यह है कि इस मामले में दूसरे आरोपियों ने अपने बयानों में यह अपराध स्वीकार कर लिया है और उनके बयानों के आधार पर ही बाद में दूसरे लोगों की गिरफ्तारी की गई है। के. कविता की गिरफ्तारी और उनके बयान ने भी अरविंद केजरीवाल को कटघरे में खड़ा करने का काम कर दिया है। यही कारण है कि इस मामले में आम आदमी पार्टी या विपक्ष भाजपा को दोषी नहीं ठहरा सकता।

उन्होंने कहा कि जहां तक गिरफ्तारी के समय की बात है, सभी जानते हैं कि एजेंसी ने अरविंद केजरीवाल को पेश होने के लिए नौ नोटिस जारी किया था। यदि वे पहले पेश हुए होते तो उनके गिरफ्तार होने का समय कुछ अलग हो सकता था। यही कारण है कि गिरफ्तारी के समय पर भी भाजपा या केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करना मुश्किल है। लेकिन चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने की बात करते रहे हैं, इन कार्रवाइयों का लाभ भाजपा को मिल सकता है।
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