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मध्यप्रदेश: आपात स्थिति में इंदौर में उतरा विमान, पर नहीं बची मासूम की जान

Thu, 31 Dec 2020 12:23 AM IST
सुरेंद्र जोशी एजेंसी, इंदौर
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उड़ान - फोटो : pixabay
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मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में दिल्ली-बंगलूरू विमान को बुधवार शाम आपात स्थिति में उतारा गया। दरअसल विमान में सवार एक परिवार की सात माह के बच्चे की सेहत अचानक तेजी से बिगड़ने लगी थी। इंदौर के देवी अहिल्या बाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद बच्ची को तुरंत समीप के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। 
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प्राप्त जानकारी के अनुसार बच्चे के परिजनों ने  उड़ान के दौरान उसकी सेहत तेजी से बिगड़ने की सूचना विमान के चालक दल को दी और इसके बाद विमान की इंदौर में इमर्जेंसी लैंडिंग कराई गई। एयरपोर्ट से उसे एंबुलेंस के जरिए अरबिंदो अस्पताल ले जाया गया।
 

अधिकारियों ने बताया कि मस्तिष्क से जुड़े एक गंभीर रोग से जूझ रहे बच्चे को शहर के दो अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। स्थानीय हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने बताया कि इंडिगो एयरलाइन की उड़ान संख्या 6ई-2248 विमान में सवार देव जायसवाल (सात माह) की तबीयत बीच सफर में अचानक बिगड़ गई।
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उन्होंने बताया कि चिकित्सा आपात स्थिति के चलते उड़ान को इंदौर की ओर मोड़ते हुए शहर के हवाई अड्डे पर शाम 05:55 बजे उतारा गया। हवाई अड्डे से बच्चे को भाटिया अस्पताल ले जाया गया लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे श्री अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सैम्स) भेज दिया गया ।

सैम्स के एक अधिकारी ने बताया कि अस्पताल लाए जाने से पहले ही बच्चे की मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि बच्चा विमान में अपने माता-पिता के साथ सफर कर रहा था, उसका परिवार उत्तरप्रदेश के गोरखपुर का रहने वाला है।

उन्होंने बताया कि बच्चे के मस्तिष्क का एक ऑपरेशन पहले ही हो चुका था और उसके माता-पिता उसे आगे के इलाज के लिए बंगलूरू लेकर जा रहे थे।

अस्पताल के प्रमुख डाॅ. विनोद भंडारी ने बताया कि बच्ची की अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही हाइड्रोसेफलस रोग से मृत्यु हो चुकी थी। हाइड्रोसेफलस को जलशीर्ष रोग कहा जाता है, जिसमें मस्तिष्क में पानी भर जाता है। इससे लकवा व कुछ मामलों में मौत तक हो जाती है। 
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