दिल्ली के अलावा देश के बाकी मेट्रो शहरों की बात की जाए तो हालात कुछ खास अच्छे नहीं दिखते। अमर उजाला आपको बता रहा है कि मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता में दिवाली के बाद हवा की गुणवत्ता पर क्या प्रभाव पड़ा है...
भारत में दिवाली की रात जमकर आतिशबाजी हुई है। यहां तक कि पटाखों पर बैन लगे होने के बावजूद राजधानी दिल्ली तक में लोगों ने खूब पटाखे छुड़ाए। इसका असर यह हुआ है कि देश में मंगलवार की सुबह हवा की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित हुई है। दिल्ली में तो प्रदूषण जहरीले स्तर पर पहुंच गया। उधर देश के कुछ अन्य मेट्रो शहरों में भी सर्दी और पटाखों की वजह से हवा की गुणवत्ता खराब हुई है।
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राष्ट्रीय स्तर पर हवा की गुणवत्ता पर निगरानी रखने वाली सरकारी वेबसाइट की ओर से दिए गए आंकड़ों पर गौर किया जाए, तो दिवाली के बाद एयर क्वालिटी इंडेक्स में सबसे बुरा हाल दिल्ली और आसपास के क्षेत्र का रहा। देश की राजधानी में अधिकतर जगहों पर एक्यूआई 301-400 के बीच बना रहा, जो कि प्रदूषण के खऱाब स्तर को दर्शाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस प्रदूषण में ज्यादा देर निकलने से सांस की बीमारियां हो सकती हैं। एक्यूआई के 401 से ऊपर जाते ही हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' स्तर पर पहुंच जाती है। इससे स्वस्थ लोगों पर तो सांस की बीमारी का खतरा होता है, साथ ही पहले से बीमार लोगों के लिए यह गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।
हालांकि, दिल्ली के अलावा देश के बाकी मेट्रो शहरों की बात की जाए तो हालात कुछ खास अच्छे नहीं दिखते। अमर उजाला आपको बता रहा है कि मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता में दिवाली के बाद हवा की गुणवत्ता पर क्या प्रभाव पड़ा है...
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1. मुंबई
देश की आर्थिक राजधानी में दिवाली के बाद वायु प्रदूषण में इजाफा हुआ है। यहां हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर है। खासकर पटाखों की वजह से यहां प्रदूषकों में जनवरी के बाद से सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज हुई है। मंगलवार सुबह यहां अलग-अलग इलाकों में एक्यूआई 200 के ऊपर बना था, जो कि खराब वायु गुणवत्ता को दर्शाता है। हालांकि, दिल्ली के मुकाबले यह स्थिति बेहतर है। कुछ क्षेत्रों में एक्यूआई 200 के नीचे भी देखा गया।
2. बेंगलुरु
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में दिवाली के बाद भी वायु गुणवत्ता स्थिर या संतोषजनक की कैटेगरी में बनी रही। कुछ एक जगहों पर पटाखे छुड़ाए जाने की वजह से हवा खराब होने की रिपोर्ट्स भी सामने आई हैं। हालांकि, यहां स्थिति अन्य मेट्रो शहरों से ज्यादा ठीक रही।
3. चेन्नई
तमिलनाडु की राजधानी में एक्यूआई दिवाली के बाद काफी ज्यादा दर्ज हुआ है। यहां कई इलाकों में धुंध भी देखी गई। सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, चेन्नई में एक्यूआई खराब श्रेणी में रहा। अलंदुर बस डिपो से लेकर रोयापुरम तक एक्यूआई 200-250 के बीच दर्ज हुआ। कुछ अन्य क्षेत्रों में यह 200 से नीचे भी रहा।
4. कोलकाता
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दिवाली के जश्न पर सितरंग चक्रवात का डर ज्यादा भारी रहा। यहां छिटपुट आतिशबाजी के बावजूद तेज हवाओं की वजह से प्रदूषण नहीं ठहरा। अधिकतर इलाकों में एक्यूआई 30 से 60 के बीच दर्ज किया गया, जो कि वायु गुणवत्ता की अच्छी श्रेणी को दर्शाता है।