दिल्ली हवाई अड्डा प्राधिकरण ने यहां पहुंचने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए नवीनतम दिशानिर्देश जारी किए हैं। इस दिशानिर्देश को मंगलवार को जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अपनी लागत पर सात दिनों के संस्थागत क्वारंटीन से गुजरना होगा, इसके बाद उन्हें एक सप्ताह तक होम क्वारंटीन में रहना होगा।
हवाई अड्डा प्राधिकरण ने यात्रियों से कहा है कि उन्हें एक वचन पत्र पर हस्ताक्षर करना होगा कि वे इस नियम को स्वीकार करते हैं, इसे बुकिंग की पुष्टि होने से पहले विदेशी मिशन/दूतावास द्वारा बरकरार रखा जाएगा।
दिशानिर्देश के अनुसार, जो अंतरराष्ट्रीय यात्री दिल्ली-एनसीआर में रहेंगे, उन्हें अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य जांच से गुजरना होगा। इसमें सबसे पहले हवाई अड्डा अधिकारियों द्वारा उनकी जांच की जाएगी और फिर दिल्ली सरकार द्वारा।
पहले स्तर पर, यात्रियों की सावधानीपूर्वक अत्यधिक सटीक स्क्रीनिंग कैमरों द्वारा थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। यात्रियों को स्क्रीनिंग के दो स्तरों के बाद ही उनके स्वीकृत स्थान पर जाने की अनुमति होगी।
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दिशानिर्देश में आगे कहा गया है कि इसमें केवल चार श्रेणी के लोगों को छूट दी गई है। इसमें गर्भवती महिला, वह व्यक्ति जिसके परिवार में किसी की मौत हुई है, वह व्यक्ति जो गंभीर बीमारी से पीड़ित है और 10 साल से कम उम्र के बच्चों के माता-पिता।
हालांकि, इसमें जिन लोगों को छूट दी गई है, उन्हें इसके लिए उचित दस्तावेज जमा कराने होंगे। इसमें एक ईमेल पता भी दिया गया, जहां छूट प्राप्त श्रेणियों से संबंधित लोगों के लिए उपक्रम मुहैया कराया गया है।
कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए मार्च में भारत सरकार ने भारतीय वायु क्षेत्र को बंद कर दिया था, इसलिए इस दौरान विदेशों में फंसे भारतीयों की वतन वापसी के लिए वंदे भारत मिशन चलाया गया था। कुछ विदेशी एयरलाइनों ने भारत के लिए भी इसी प्रकार की उड़ानें संचालित की थीं।
बता दें कि, केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय फ्लाइटों पर लगे प्रतिबंध को बढ़ाकर 15 से 31 जुलाई तक कर दिया है। वहीं, लगभग दो महीने के निलंबन के बाद घरेलू उड़ानों को 25 मई से परिचालन फिर से शुरू करने की अनुमति दी गई।