राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बृहस्पतिवार को कहा कि यदि कॉलेजों में बेहतर शिक्षक और इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी है तो यह छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय हो रहा है। अधिकतर उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के पद खाली है। साथ ही मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। आपके संस्थानों में छात्र का भविष्य ही नहीं बल्कि देश का भविष्य तैयार होता है।
इसलिए देश के प्रति जिम्मेदारी समझकर इन समस्याओं को प्रमुखता के आधार पर निदान कराएं। वह राष्ट्रपति भवन में बृहस्पतिवार को एनआईटी, आईआईएसटी, एसपीए(स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर) व आईआईआईटी डायरेक्टर की 59वीं बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि अगली बैठक में संस्थानों के बारे में रिपोर्ट पेश करनी होगी। राष्ट्रपति ने इस दीक्षांत समारोह को हर वर्ष आयोजित करने और छात्र के परिवार को भी आमंत्रित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे दीक्षांत समारोह हर छात्र और परिवार के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसलिए परिवार को भी इसका भागीदार बनाना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि एनआईटी रिजनल इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट से बने हैं। इसलिए दूर-दराज व ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए इंजीनियरिंग में अच्छी पढ़ायी करवाना जिम्मेदारी है। संस्थान गुणवत्ता के साथ-साथ रिसर्च के क्षेत्र में भी काम करें। राष्ट्रपति ने स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर से स्मार्ट सिटी और सभी के लिए कम दामों पर घर मुहैया करवाने की योजना में सहयोग करने का आह़वान किया।