रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 28 सितंबर को नौसेना के लिए तीन परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। वे मुंबई में स्कॉर्पियन क्लास की दूसरी पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी को नौसेना में कमीशन करेंगे। इसके अलावा पी-17ए सीरीज का पहला युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि को लॉन्च किया जाएगा। इसी दिन रक्षा मंत्री विमानवाहक पोत के ड्राइडॉक की आधारशिला भी रखेंगे।
पहले, भारतीय नौसेना ने समुद्र में स्कॉर्पियन श्रेणी की दूसरी पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी को शामिल करने से इनकार कर दिया था। नौसेना को समुद्र में यूजर ट्रायल के दौरान इस पनडुब्बी के इंजन से ज्यादा आवाज आने की शिकायत थी। इस कारण खंडेरी को देरी से नौसेना में कमीशन किया जा रहा है।
खंडेरी की ये हैं विशेषताएं
यह पनडुब्बी स्टेल्थ और एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन समेत कई तरह की तकनीकों से लैस है जिससे इसका पता लगाना दुश्मनों के लिए आसान नहीं होगा। यह टॉरपीडो और ट्यूब लॉन्च्ड एंटी-शिप मिसाइल से हमला करने में सक्षम है। युद्ध की स्थिति में यह पनडुब्बी हर तरह की अड़चनों से सुरक्षित और बड़ी आसानी से दुश्मनों को चकमा देकर बाहर निकल सकती है।
इसकी सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यह किसी भी रडार की पकड़ में नहीं आएंगी। इसके अलावा इससे जमीन पर भी आसानी से हमला किया जा सकता है। इस पनडुब्बी का इस्तेमाल हर तरह के वॉरफेयर, ऐंटी-सबमरीन वॉरफेयर और इंटेलिजेंस के काम में भी किया जा सकता है।