रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर से टेलीफोन पर बातचीत की। राजनाथ ने मार्क को अमेरिका का नया रक्षा मंत्री बनाए जान पर बधाई दी। साथ में राजनाथ ने सीमापार से होने वाले आतंकवाद का मुद्दा उठाया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के भारत के प्रयास के लिए अमेरिकी समर्थन की सराहना की।
राजनाथ ने अमेरिकी समकक्ष मार्क से कहा कि धारा 370 से संबंधित मुद्दा भारत का आंतरिक मामला है, जिसका उद्देश्य जम्मू और कश्मीर के लोगों का आर्थिक विकास और लोकतंत्र में सुधार करना है।
समझा जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने अमेरिकी समकक्ष को पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे नापाक प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी। राजनाथ सिंह ने सीमापार से जारी घुसपैठ और आतंकवाद को पड़ोसी देश द्वारा सह देने का मुद्दा उठाया। राजनाथ सिंह ने कहा कि पड़ोसी देश द्वारा आतंकवाद को दिए जा रहे सह से क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभावित होती है।
सूत्र बताते हैं कि अमेरिकी रक्षा मंत्री ने राजनाथ सिंह से सहमति जताई और कश्मीर को भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मामला बताया। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान को कश्मीर से जुड़े मुद्दों का समाधान आपसी बातचीत से हल करना चाहिए।
रक्षा सहयोग और साझेदारी पर भी हुई बात
दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच में रक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग, साझेदारी पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने रक्षा क्षेत्र में सैन्य बलों के बीच में आपसी सहयोग बढ़ाने, रक्षा नीति, रक्षा तकनीति, रक्षा क्षेत्र में शोध और अनुसंधान, प्रोद्यौगिकी क्षेत्र में सहयोग पर बात की।
पीएम मोदी ने ट्रंप से फोन पर की थी बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ सोमवार को टेलीफोन पर बातचीत की थी। दोनों के बीच सीमापार से होने वाले आतंकवाद, द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मामलों को लेकर बात हुई। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने और इसे केंद्रशासित राज्य बनाने के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली बार बातचीत हुई।
बताया जा रहा है कि दोनों के बीच करीब 30 मिनट तक बातचीत हुई। पीएम मोदी ने ट्रंप से कहा कि क्षेत्रीय परिस्थितियों के मद्देनजर यहां कुछ नेताओं द्वारा भारत विरोधी हिंसा, शांति के प्रयासों में बड़ी बाधा है। पीएम मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना आतंकवाद का मुद्दा उठाया।
30 मिनट की बातचीत बेहद गर्मजोशी के साथ हुई जिसमें द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बात हुई। पीएम मोदी ने आतंकरहित वातावरण बनाने पर जोर दिया साथ ही सीमापार से आतंकवाद का मुद्दा भी मजबूती से उठाया।