नए प्रस्ताव के अनुसार अब सशस्त्र बलों के ऐसे कर्मचारियों को कर्मचारियों को किराया भत्ता पाने के लिए कोई प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं करना होगा, जिन्हें सरकारी आवास नहीं मिला है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों के कर्मचारियों को राहत देते हुए एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव के तहत उस मानदंड को समाप्त करने का प्रावधान किया गया है जिसमें सशस्त्र बलों के कर्मियों को मकान किराया भत्ता (एचआरए) के लिए पात्र बनने के लिए 'नो एकोमोडेशन सर्टिफिकेट' (एनएसी) प्रस्तुत करना अनिवार्य था।
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शुक्रवार को रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सशस्त्र बलों के कर्मचारियों को जिन्हें सरकारी आवास नहीं मिला है, अब बिना एनएसी प्रस्तुत किए एचाआरए पाने के हकदार होंगे। मौजूदा नीति के तहत इन कर्मचारियों को एनएसी जारी करवाने के लिए संबंधित आवास कार्यालय में अलग से आवेदन करना पड़ता है। इससे एचआरए दावे की प्रक्रिया में देरी होती है।
मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि संशोधित नीति मौजूदा प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए सरकार की नीति के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम है। बयान में आगे कहा गया है कि संशोधित नीति के परिणामस्वरूप कागजी कार्रवाई में कमी आएगी और सशस्त्र बलों के कर्मचारियों को एचआरए का तेजी से वितरण करना संभव हो सकेगा।