रक्षा मंत्रालय ने कहा कि नए प्रावधान के तहत विकलांग व्यक्तियों के लिए सभी सार्वजनिक भवनों में आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। एसओएस के इसके जरिए भविष्य की परियोजनाओं में सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए बेहतर जीवन स्तर को सुनिश्चित किया जाएगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों के कर्मचारियों को राहत देते हुए एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उन्होंने रक्षा सेवा से जुडे कर्मियों को दी जाने वाली सुविधाओं के लिए स्केल ऑफ एकोमोडेशन में संशोधन को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य सशस्त्र बलों के कर्मचारियों का जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। रक्षा मंत्रालय ने इसे लेकर एक बयान भी जारी किया है। बयान में कहा गया है कि स्केल ऑफ एकोमोडेशन-2022 के कार्यान्वयन से सशस्त्र बलों के कर्मियों के रहने के लिए मिलने वाली सुविधाओं और बुनियादी ढांचे में सुधार होगा।
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रक्षा मंत्रालय ने कहा कि नए प्रावधान के तहत विकलांग व्यक्तियों के लिए सभी सार्वजनिक भवनों में आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। एसओएस के इसके जरिए भविष्य की परियोजनाओं में सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए बेहतर जीवन स्तर को सुनिश्चित किया जाएगा। स्केल ऑफ एकोमोडेशन-2022 को अमल में लाने से वर्तमान की आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाओं और बुनियादी ढांचे में जबरदस्त सुधार होगा।
मंत्रालय ने कहा कि एसओए से रक्षा नागरिकों सहित रक्षा कर्मियों के लिए बेहतर काम करने और रहने की स्थिति सुनिश्चित होगी। संशोधित एसओएस में विकलांग व्यक्तियों के लिए सभी सार्वजनिक भवनों में सुविधाएं शुरू की गई हैं और सभी विशिष्टताओं में लैंगिक समानता सुनिश्चित की गई है।रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि एसओए तीनों रक्षा सेवाओं और भारतीय तटरक्षक बल के लिए लागू हैं। पिछले एसओए को सरकार ने अक्टूबर 2009 में मंजूरी दी थी।
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मंत्रालय के अनुसार, स्केल ऑफ एकोमोडेशन (एसओए) रक्षा सेवा से जुड़े कर्मियों के लिए परिचालन, कार्यात्मक, प्रशिक्षण, प्रशासनिक,आावास और मनोरंजन सुविधाओं के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दिए जाने वाले अधिकार को परिभाषित करता है।