रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने बुधवार को नौसेना के विध्वंसकों और युद्धपोतों के लिए अपग्रेडेड सोनार को खरीदने के लिए ‘स्वीकृति की आवश्यकता’ (एओएन) दे दी। रक्षा मंत्रालय का पदभार संभालने के बाद निर्मला सीतारमण ने पहली बार डीएसी मीटिंग की अध्यक्षता की।
इस दौरान उन्होंने राजधानी अधिग्रहण योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की और उनकी निगरानी रखने समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों की क्षमता विकास प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए डीएसी की मीटिंग को हर 15 दिन में किए जाने की जरूरत है।
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200 करोड़ रुपये की लागत के सोनारों की खरीद भारतीय कंपनियों से की जाएगी जिन्हें भारत में डिजाइन, विकसित और निर्मित किया गया है। ये अपग्रेडेड सोनार नौसेना की पनडुब्बी-रोधी युद्धपोत की क्षमता में वृद्धि करेंगी। इन्हें डीआरडीओ और नौसेना शारीरिक एवं महासागरीय प्रयोगशाला, कोच्चि ने मिलकर बनाया है।