जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने सुनवाई के बाद मामले की जांच पर अंतरिम रोक लगा दी। उन्होंने राज्य सरकार को अपनी आपत्तियां दर्ज करने को भी कहा। इस संबंध में कोर्ट से एक नोटिस भी जारी किया गया है।
कर्नाटक हाईकोर्ट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सोशल मीडिया इकाई के राष्ट्रीय प्रमुख अमित मालवीय को बड़ी राहत मिली। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज मानहानि मामले की जांच पर बुधवार को अंतरिम रोक लगा दी। मामला कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ अपमानजनक वीडियो पोस्ट करने का है। मालवीय ने शहर के हाई ग्राउंड्स पुलिस थाने में अपने खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की थी।
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राज्य सरकार को आपत्तियां दर्ज कराने को कहा
जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने सुनवाई के बाद मामले की जांच पर अंतरिम रोक लगा दी। उन्होंने राज्य सरकार को अपनी आपत्तियां दर्ज करने को भी कहा। इस संबंध में कोर्ट से एक नोटिस भी जारी किया गया है।
तेजस्वी सूर्या बोले- यह राज्य सरकार के चेहरे पर तमाचा
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वकील के रूप में बेंगलुरु दक्षिण के सांसद तेजस्वी सूर्या पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि कथित वीडियो में ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया है, जो भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 505 (2) और 153 ए के तहत दंडनीय अपराध होगा। मामले में राहत मिलने के बाद तेजस्वी सूर्या ने कोर्ट के फैसले को कांग्रेस सरकार के चेहरे पर तमाचा करार दिया।
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क्या है मामला?
अमित मालवीय ने 17 जून 2023 को अपने ट्विटर अकाउंट पर 'राहुल गांधी विदेशी ताकतों का मोहरा' शीर्षक के साथ एक वीडियो पोस्ट किया था। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) में संचार विभाग के सह-अध्यक्ष रमेश बाबू ने 19 जून को शिकायत दर्ज कराई थी और हाई ग्राउंड्स पुलिस ने 27 जून को प्राथमिकी दर्ज की थी।