कोरोना को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन, सेंटर ऑफ डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन और जॉन्स होप्किन्स यूनिवर्सिटी रोजाना महत्वपूर्ण आंकड़ें हमारे सामने रख रहे हैं लेकिन किसी निरीक्षण के लिए इस डाटा को प्रभावशाली तरीके से नहीं इस्तेमाल किया गया। कोविड-19 महामारी काफी जटिल है, इसके लिए जटिल विश्लेषण का इस्तेमाल तक अच्छे परिणाम सामने लाए जा सकते हैं।
डीप नॉलेज ग्रुप ने डाटा के विश्लेषण के लिए अग्रिम विश्लेषणात्मक ढांचा तैयार किया है जिससे लोगों और देश की सरकारों को मानव सभ्यता बचाने के लिए कड़े फैसले लेने में मदद मिल सके। डीप नॉलेज ग्रुप की एक टीम ने 200 देशों में फैले कोरोना वायरस के आंकड़ों को इकट्ठा कर उनका दोबारा विश्लेषण किया। जिसमें से 60 देशों के गहन अध्ययन के बाद परिणाम सामने आया। इन परिणामों को आसान भाषा में समझाने के लिए टीम ने एक रैंकिंग सिस्टम बनाया।