फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर सफेद चादर में लिपटी मिले थे पंडित दीन दयाल उपाध्याय

Sat, 14 Oct 2017 06:24 PM IST
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
विज्ञापन
Mughalsarai railway station
विज्ञापन
मुगलसराय जंक्शन अब दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के नाम से जाना जाएगा। मुगलसराय स्टेशन पर देश के हर कोने ट्रेनें आती-जाती हैं इसलिए ये भारतीय रेल का प्रमुख केन्द्र भी है। मुगलसराय से हर दिन करीब 250 ट्रेनें गुजरतीं हैं। अगर इसकी धड़कन रुकी तो पूरी भारतीय रेल का नवर्स ब्रेकडाउन हो जाता है। एशिया का सबसे बड़ा यार्ड होने की वजह से यहां सबसे अधिक ट्रेनें ठहराई जाती हैं। 
विज्ञापन


बताते हैं कि इसी स्टेशन पर एकदिन भाजपा प्रणेता पण्डित दीनदयाल उपाध्याय का शरीर सफेद कपड़े में लिपटा मिला था। मुगलसराय देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जन्मस्थली भी है।  बनारस से 15 किलोमीटर दूर बसे इस मुगलसराय को चंदौली का मिनी महानगर भी है। मुगलसराय की विश्व में अपनी अलग पहचान है। यहां एशिया का सबसे बड़ा रेलवे यार्ड और एशिया की विशालतम कोयला मण्डी है। 

पढें: पोस्टर पर धमकीः मुगलसराय का नाम बदला तो कर दिया जाएगा छह इंच छोटा

 मुगलकाल में यहां मुगलों की दो सराय होती थीं जिसमें मुगलों की सेना और व्यापारी रुकते थे। इस शहर को बसाने में शेरशाह सूरी का बड़ा योगदान है।  पहला ग्रान्ट ट्रंक रोड भी यहीं से शुरू हुई थी। मुगलसराय राष्ट्रीय राज मार्ग नम्बर दो पर बसा है। मुगलसराय दिल्ली और हावड़ा रेल लाइन के बीच स्थित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुगलसराय सबसे बड़ा बिजली का लोको शेड है इसमें एक समय में करीब 137 रेल इंजन रखा जा सकता है

दीन दयाल उपाध्याय
बताते हैं कि जब 1862 में हावड़ा से दिल्ली जाने के लिए रेलवे लाइन बिछाई गई और उसके बाद 1880 में मुगलसराय रेलवे स्टेशन की इमारत का निर्माण किया गया। उसके बाद 1905 में इस भवन में और सुधार किया गया।  
 मुगलसराय 1978 में पूर्व-मध्य रेलवे का मण्डलीय मुख्यालय बनाया गया। मुगलसराय एशिया का सबसे बड़ा रेलवे यार्ड है जिसकी लम्बाई 12.6 किमी. है और इसमें तकरीबन 250 किमी. लम्बी लाइन बिछी है। इस यार्ड को नियंत्रित करने के लिए 10 ब्लॉक केबिन और 11 यार्ड केबिन है। मुगलसराय सबसे बड़ा बिजली का लोको शेड है इसमें एक समय में करीब 137 रेल इंजन रखा जा सकता है। जबकि डीजल लोको शेड के करीब 72 रेल इंजन की देखभाल किया जा सकता है।  

मुगलसराय में ही एशिया की सबसे बड़ी चन्धासी कोयला मण्डी है जो काले हीरे की खान कही जाती है। 1975 में कोयला मडी स्थापित की गई थी। एशिया की सबसे बड़ी मंडी कही जाने वाली मंडी में हर दिन बंगाल, झारखण्ड, बिहार, असोम व मध्य प्रदेश के कोयला खदानों से तकरीबन 600 से 800 ट्रक कोयला आता है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें