दुनिया में अपनी लड़ाकू क्षमता का लोहा मनवाने वाला 'राफेल' आज भारत पहुंच गया है। इस हवाई जहाज को बनाने में महिलाओं और दिव्यांगों का खास योगदान रहा है। फ्रांस की कंपनी 'डसॉल्ट एविएशन' ने इन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का भरपूर मौका दिया है।
'विविधता और सभी को बराबर अवसर देना' कंपनी ने अपनी इस पॉलिसी के चलते 2018 से 2020 की अवधि में प्रबंधकों के पदों पर 25 फीसदी महिलाओं की नियुक्ति की। इसके अलावा गैर-प्रबंधकीय कार्यों में महिलाओं की भागेदारी को 20 प्रतिशत कर दिया है। चालू वर्ष में महिला कर्मियों का प्रतिशत क्रमश: 26 और 24 रहा है। साथ ही ‘डसॉल्ट एविएशन' ने दिव्यांगों को भी लड़ाकू एवं दूसरे विमान तैयार करने का मौका दिया है। कंपनी में 2017 के दौरान 496 दिव्यांग काम कर रहे थे, जबकि 2018 में इनकी संख्या बढ़ाकर 534 कर दी गई।
बता दें कि डसॉल्ट एविएशन ने अभी तक 90 से अधिक देशों में 10,000 से ज्यादा सैन्य और नागरिक विमानों की सप्लाई सुनिश्चित की है। इस कंपनी ने राफेल लड़ाकू विमान से लेकर दूसरे सभी प्रकार के विमानों का डिजाइन व उनका अपडेट मॉडल विकसित करने का काम किया है। राफेल के अलावा डसॉल्ट एविएशन में फ़ॉल्कॉन, मिलिट्री ड्रोन और स्पेस सिस्टम से जुड़े उपकरण भी तैयार किए जाते हैं।
2019 में, डसॉल्ट एविएशन ने 7.3 बिलियन पाउंड के राजस्व की सूचना दी थी। इस कंपनी के साथ 12,750 कर्मचारी काम कर रहे हैं। 'विविधता और सभी को बराबर अवसर देना' कंपनी ने अपने इस मूलमंत्र पर काम करते हुए महिलाओं को आगे बढ़ने के तमाम अवसर प्रदान किए हैं। पिछले दो वर्षों में प्रबंधकीय एवं गैर प्रबंधकीय पदों के लिए महिलाओं को बड़े स्तर पर मौका दिया गया है।