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एल्गार परिषद मामला: डीयू के प्रोफेसर को चार अगस्त तक एनआईए हिरासत में भेजा गया

Wed, 29 Jul 2020 05:30 PM IST
Rohit Ojha न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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Professor hany babu - फोटो : Facebook
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भीमा कोरेगांव एल्गार परिषद मामले के सिलसिले में गिरफ्तार दिल्ली विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर हनी बाबू को एक विशेष अदालत ने बुधवार को चार अगस्त तक एनआईए हिरासत में भेज दिया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को 54 वर्षीय हनी बाबू मुसालियरवीट्टिल थारियाल को इस मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। वह दिल्ली विश्वविद्यालय में अंग्रेजी विभाग में असोसिएट प्रोफेसर हैं।

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उन्हें बुधवार को मुंबई में एक विशेष एनआईए अदालत के समक्ष पेश किया गया। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि मामले में आरोपी की कथित संलिप्तता के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया है। एनआईए ने अदालत में कहा कि आरोपी के प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) से संबंध हैं। एजेंसी ने कहा कि जांच के दौरान जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक सामानों से विभिन्न पत्र बरामद हुए हैं, जो इस मामले में उनकी संलिप्तता के संकेत देते हैं।

आरोपी की तरफ से पेश हुए वकील ने कहा कि एनआईए द्वारा हनी बाबू से बीते चार-पांच दिनों से पूछताछ की जा रही थी और इसलिए उन्हें आगे हिरासत में भेजे जाने की जरूरत नहीं है। विशेष अदालत के न्यायाधीश ए टी वानखेड़े ने उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों को देखने के बाद पाया कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। अदालत ने आरोपी को सात दिन की एनआईए हिरासत में भेजने का आदेश दिया। 
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यह मामला 31 दिसंबर 2017 में पुणे के शनिवारवाडा में कबीर कला मंच द्वारा आयोजित एल्गार परिषद के कार्यक्रम में कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने से जुड़ा है। आरोप है कि इसकी वजह से जातीय वैमनस्य बढ़ा और हिंसा हुई जिसके बाद पूरे महाराष्ट्र में हुए प्रदर्शन में जानमाल की क्षति हुई।

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