एक साल तक चला था सत्याग्रह, 80 हजार लोगों को हुई थी जेल
लगभग 25 दिन बाद 6 अप्रैल 1930 को 241 मील की दूरी तय कर यह यात्रा दांडी पहुंची थी। तत्पश्चात गांधी ने कच्छ भूमि में समुद्र तल से एक मुट्ठी नमक उठाकर अंग्रेजी हुकूमत को सशक्त संदेश दिया और नमक कानून को तोड़ा। यह आंदोलन तकरीबन एक साल तक चला। जिसमें 70,000 से भी ज्यादा भारतीयों को गिरफ्तार किया गया था। 1931 में गांधी और तत्कालीन वायसराय लॉर्ड इरविन के बीच हुए समझौते के साथ इस सत्याग्रह को खत्म किया गया। किंतु तब तक चिंगारी भड़क चुकी थी और इसी आंदोलन से ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ की शुरुआत हुई। जिसने संपूर्ण देश में अंग्रेजी हुकूमत के विरोध में व्यापक जन संघर्ष को जन्म दिया।