माना जा रहा है कि राकांपा का यह आरोप केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले के आरोप के बाद आया है। अठावले ने मंगलवार को कहा था कि निर्दलीय सांसद नवनीत राणा के साथ इसलिए मुंबई में दुर्व्यवहार हुआ, क्योंकि वह दलित वर्ग की है।
देश में दलित असुरक्षा का मुद्दा फिर उठा है। इस बार राकांपा ने बयान जारी कर आरोप लगाया कि देश में अजा-जजा वर्ग के लोग सुरक्षित नहीं हैं। पार्टी ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस समुदाय को निजी तौर पर सुरक्षा का आश्वासन देना चाहिए।
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महाराष्ट्र के राकांपा प्रवक्ता महेश तापसे ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के एक पूर्व ग्राम प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर यह बयान दिया। पूर्व ग्राम प्रधान ने कथित तौर पर घोषणा की थी कि अगर दलित समुदाय का कोई भी व्यक्ति उसके खेत में प्रवेश करता है तो उसे 50 बार जूतों से पीटा जाएगा और पांच हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। पुलिस ने मंगलवार को कहा था कि कुंवरपाल का एक वीडियो वायरल हुआ है। उसमें वह पावती खुर्द गांव में दलितों के घर के बाहर एलान करता दिखाई दे रहा है।
इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तापसे ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में दलित सुरक्षित नहीं हैं, इसलिए पीएम नरेंद्र मोदी को निजी तौर पर देश के दलितों को आश्वस्त करना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर देश में दलितों पर जुल्म बढ़े हैं। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि 'क्या यही 'सबका साथ, सबका विकास है।' दरअसल यह नारा भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में दिया था। राकांपा प्रवक्ता ने ग्राम सभाएं भी बुलाने की मांग की, ताकि दूसरी जातियों के लोगों को दलितों के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके।
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अठावले ने उठाया था नवनीत राणा का मुद्दा
माना जा रहा है कि राकांपा का यह आरोप केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले के आरोप के बाद आया है। अठावले ने मंगलवार को कहा था कि निर्दलीय सांसद नवनीत राणा के साथ इसलिए मुंबई में दुर्व्यवहार हुआ, क्योंकि वह दलित वर्ग की है। उनके आरोप के दूसरे दिन राकांपा ने पलटवार किया है।