शनिवार रात को दलित बताने पर प्रसूता को स्वास्थ्य सेवा का लाभ नहीं मिल सका। इसके चलते नवजात बच्ची को जान से हाथ धोना पड़ा और प्रसूता की हालत बिगड़ गई। यह आरोप एंबुलेंस 108 सेवा पर लग रहे है। मामले को लेकर कस्बा के दलित वर्ग में खासा आक्रोश है।
कस्बा के मोहल्ला कंबोह निवासी वीरेंद्र की गर्भवती पत्नी सोना देवी को शनिवार रात को प्रसव पीड़ा हुई। परिवारीजनों ने तत्काल एंबुलेंस सेवा 108 नंबर पर कॉल की। आधा घंटे तक प्रसूता कराहती रही, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची।
जब दोबारा कॉल की तो लाइन पर नजदीकी अस्पताल के चालक से बात कराई गई। चालक ने वीरेंद्र से मोहल्ले का नाम और जाति पूछी। जाति जाटव बताए जाने पर चालक गाड़ी लेकर नहीं पहुंचा और प्रसूता की हालत बिगड़ गई।
अंतत: प्रसूता ने घर पर ही एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिलने से नवजात की मौत हो गई। परिवारीजनों ने आनन फानन में प्रसूता को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब उसकी जान बच सकी।
घटना को लेकर मोहल्ला कंबोह के दलित वर्ग में आक्रोश है। पीड़ित परिसर ओर ग्रामीणों ने डीएम अजय यादव से कॉल डिटेल के माध्यम से जाति पूछकर एंबुलेंस नहीं लाने वाले चालक पर कार्रवाई की मांग की है। मांग करने वालों में मनोज कुमार सभासद, बृजनंदन, अरुण कुमार, संजय सिंह, प्रेमप्रकाश, राजेंद्र सिंह, प्रवीन कुमार शामिल हैं।