बैंकों को नौ हजार करोड़ रुपये का चूना लगाकर फरार चल रहे शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ ताजा कार्रवाई के तहत उनकी छह हजार करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की तैयारी है।
बैंक लोन धोखाधड़ी केस के तहत माल्या और अन्य के खिलाफ मनी लांडरिंग मामले की जांच कर रहे प्रत्यावर्तन निदेशालय (ईडी) ने माल्या की संपत्ति को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। माल्या के विशेष अदालत में हाजिर नहीं होने पर प्रीवेंशन ऑफ मनी लांडरिंग एक्ट (धन शोधन निरोधक कानून) के तहत ईडी दोबारा उनकी संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी में है।
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी ने माल्या और उनके परिवार के कुछ शेयरों के अलावा चल और अचल संपत्तियों की पहचान कर ली है। जांच का दायरा बढ़ाने की योजना के मकसद से इन संपत्तियों को जब्त करने की योजना है।
माल्या के अलावा इस मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। संपत्तियों के बारे में ब्योरा जुटाने के लिए ईडी पहले ही बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं को पत्र लिख चुका है।
ईडी इस प्रयास में भी है कि माल्या के हाजिर होने को लेकर विशेष अदालत से घोषणा पत्र जारी कराया जा सके। इस आदेश को को दोबारा विदेश मंत्रालय को भेजा जाएगा ताकि भारत-ब्रिटेन म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी (एमएलएटी) के तहत माल्या को भारत वापस लाया जा सके।
माल्या के खिलाफ कई गिरफ्तारी वारंटों खासकर गैरजमानती वारंट का जिक्र करते हुए गत जून में भी ईडी ने अदालत से अनुरोध किया था कि वह माल्या के हाजिर होने से संबंधित घोषणा पत्र जारी करे। गौरतलब है कि ईडी अब तक माल्या की 1411 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुका है।