एक्सिओम-4 मिशन को पूरा करके अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से वापस लौट रहे भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को लेकर कांग्रेस नेता उदित राज ने बेतुका बयान किया। कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि पहले राकेश शर्मा अंतरिक्ष में गए थे, तब एससी-एसटी और ओबीबी इतने पढ़े लिखे नहीं थे। अब किसी दलित,ओबीसी को भी शुभांशु शुक्ला की जगह भेजा जा सकता था।
कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि मैं उनको शुभकामनाएं देता हूं कि वे सुरक्षित लौटें। उन्होंने वहां जो ज्ञान अर्जित किया है, उसे यहां बिखेरें। लोग उससे लाभान्वित हों। यह मानवता के लिए लाभकारी है। कांग्रेस नेता बोले कि पहले जो राकेश शर्मा भेजे गए थे, उस समय एससी-एसटी, ओबीसी इतने पढ़े-लिखे नहीं थे। इस बार मुझे लगता है कि दलित को भेजने की बारी थी...ऐसा नहीं है कि नासा ने कोई परीक्षा ली और फिर चयन हो गया। किसी दलित,ओबीसी को भी शुभांशु शुक्ला की जगह भेजा जा सकता था।
बाद में पेश की सफाई
वहीं, बाद में कांग्रेस नेता उदित राज ने अपने बयान पर सफाई भी पेश की। उन्होंने कहा, 'मैंने जो कहा उसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। इस समय इतने सारे मुख्य सचिव, राज्य के मुख्य सचिव, कैबिनेट सचिव, ICHR, ICSR, UGC, केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं, इनमें एक भी दलित, OBC या आदिवासी नहीं है। अगर उनकी जगह किसी SC, ST या OBC को भेजा जाता, तब भी वह भारतीय होता। बहुत से लोग हैं जिन्होंने NDA की परीक्षा पास की है। यह अवसर देने की बात है। यह अवसर SC, ST, OBC को भी दिया जा सकता था।'
शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 मिशन के तहत 25 जून को तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हुए। अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पहुंचने वाले शुभांशु शुक्ला पहले भारतीय हैं। शुभांशु ने आईएसएस पर 18 दिन बिताए और इस दौरान वहां कई रिसर्च कार्य किए। शुभांशु शुक्ला की मंगलवार को धरती पर वापसी हुई।
अंतरिक्ष में 18 दिन शुभांशु शुक्ला ने क्या किया
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 18 दिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर बिताए। इस दौरान उन्होंने 60 प्रयोगों को अंजाम दिया, जिनमें से सात प्रयोग इसरो के थे। शुभांशु अपने साथ 263 किलो वैज्ञानिक सामान लेकर धरती पर लौट रहे हैं, जिससे भविष्य में अंतरिक्ष कार्यक्रमों को बड़ी मदद मिल सकती है। साल 2027 में इसरो अपना पहला मानव मिशन गगनयान लॉन्च करेगा। ऐसे में शुभांशु शुक्ला का यह मिशन इसरो के लिए बेहद अहम है। शुभांशु शुक्ला को एक्सिओम-4 मिशन पर भेजने के लिए भारत ने 550 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।