लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाते बचाव दल के लोग
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बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरे दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान 'यास' में बदल गया है। इसके चलते जहां समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं। वहीं ओडिशा में भारी बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने 24 घंटों के भीतर चक्रवात के गंभीर तूफान में तब्दील होने की आशंका जताई है। इसके 26 मई को ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों से गुजरने का अनुमान है। मौसम विभाग ने अगली सूचना तक मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर के वैज्ञानिक डॉ उमाशंकर दास ने बताया कि जिले में धमरा और चांदबाली के बीच चक्रवात के दस्तक देने का अनुमान है। आईएमडी के महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि यास के मंगलवार शाम तक बहुत भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की और चांदबाली में सबसे ज्यादा नुकसान की आशंका है। उन्होंने कहा कि चक्रवात के दस्तक देने के छह घंटे पहले और बाद तक इसका गंभीर असर देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गृह राज्य मंत्री डी एस मिश्रा को राज्य के उत्तरी हिस्से में हालात की निगरानी करने के लिए बालासोर भेजा है।
50 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि तटवर्ती जिलों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम तेजी से हो रहा है और दोपहर तक 50,000 लोग सुरक्षित शिविरों में चले गए हैं। उन्होंने बताया कि ‘यास’ के तट तक पहुंचने के बहुत पहले ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
चक्रवात के दस्तक देने के दौरान समुद्र में 2-4.5 मीटर की लहरें उठने के अनुमान के चलते लोगों को को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। आईएमडी ने मंगलवार सुबह 9:10 पर जारी अपने बुलेटिन में कहा कि यास के अगले 12 घंटे में उत्तर-पश्चिमोत्तर दिशा में बढ़ने की संभावना है।
आईएमडी ने कहा कि यह प्रवाह पिछले छह घंटे के दौरान 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिमोत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। सुबह साढ़े पांच बजे यह यह पारादीप (ओडिशा) से करीब 320 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और दीघा (पश्चिम बंगाल) से 420 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में था।
ओडिशा के मयूरभंज जिले और पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना जिलों में हवा की रफ्तार 100-120 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 145 किलोमीटर प्रति घंटे की हो सकती है।