अरब सागर में उठे चक्रवात 'शक्ति' ने गुजरात तट के पास अपने पैरों पसार लिए हैं और यह लगातार आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस तूफान को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि चक्रवात 'शक्ति' अगले 24 घंटों में और अधिक प्रचंड रूप ले सकता है और इसे गंभीर साइक्लोनिक तूफान में बदलने की आशंका है।
इस चक्रवात का नाम 'शक्ति' रखा गया है। यह नाम श्रीलंका ने दिया है। दरअसल, इस बार साइक्लोन के नामकरण की जिम्मेदारी श्रीलंका की थी। यह प्रक्रिया विश्व मौसम संगठन (डब्ल्यूएमओ) और एशिया-प्रशांत के लिए आर्थिक और सामाजिक आयोग (ईएससीएपी) द्वारा तय की गई प्रणाली के तहत होती है। इस प्रणाली में भारत, बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाईलैंड जैसे आठ देश शामिल हैं। वर्ष 2020 में इन देशों ने 169 नामों की एक सूची बनाई थी। इन्हें वर्णमाला के क्रम से दिया जाता है और जब कोई तूफान 65 किमी प्रति घंटा या उससे अधिक की गति पकड़ लेता है, तभी उसे यह नाम मिलता है। 'शक्ति' इस सूची का पहला नाम है।
भारतीय मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के कई जिलों के लिए चक्रवात ‘शक्ति’ को लेकर अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी 7 अक्तूबर तक लागू रहेगी। मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। समुद्र में लहरें बहुत ऊंची उठने की आशंका है, इसलिए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
अरब सागर में चक्रवात अपेक्षाकृत कम आते हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां तूफानों की रफ्तार बढ़ी है। पिछले कुछ वर्षों में अरब सागर में ताउते (2021) और बिपरजॉय (2023) जैसे तूफान बने थे, लेकिन बंगाल की खाड़ी की तुलना में अरब सागर में कम चक्रवात आते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल यह तूफान तटीय इलाकों तक नहीं पहुंच रहा है, लेकिन इसके लगातार प्रचंड रूप लेने की संभावना को देखते हुए सतर्क रहना आवश्यक है।