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चेतावनी: ओडिशा के लिए चक्रवात का अलर्ट जारी, जिला अधिकारियों को तैयार रहने का निर्देश, पढ़िए कैसे हैं हालात

Thu, 05 May 2022 05:05 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ओडिशा पिछले तीन साल से लगातार गर्मियों के दौरान चक्रवाती तूफानों का सामना कर रहा है। राज्य ने साल 2021 में चक्रवात यास, 2020 में अंफान और 2019 में फानी का सामना किया था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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तटीय राज्य ओडिशा की सरकार ने बुधवार को एक संभावित चक्रवाती तूफान के लिए अलर्ट जारी किया था। इसमें जिला अधिकारियों से हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है। भारतीय मौसम विज्ञान निभाग (आईएमडी) ने भी आठ मई के आस-पास एक चक्रवाती तूफान का अनुमान जताया है और कहा है कि इस दौरान 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 

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ओडिशा के मुख्य सचिव एससी मोहापात्रा ने बुधवार को कहा था कि राज्य किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। जिला कलेक्टरों को संभावित आपदा के बारे में बताया जा चुका है। वहीं, एक और चक्रवात का सामना करने जा रहे राज्य में लोगों के बीच दहशत का माहौल है जिसका पता उनके सोशल मीडिया पोस्ट्स से चल रहा है। सरकार ने लोगों से न घबराने की अपील की है।

उधर, आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक उमाशंकर दास ने गुरुवार को कहा कि हमें दक्षिण अंडमान सागर और इसके आस-पास छह मई को कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। इससे बनने के बाद कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा जो 48 घंटे बाद यानी आठ मई को और गहरे दबाव में बदल जाएगा। उन्होंने कहा, अभी हमें हवाओं की रफ्तार 40-50 किमी प्रतिघंटा रहने की उम्मीद है।
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उन्होंने आगे कहा कि पांच मई के बाद हवाओं की रफ्तार बढ़कर 55-66 किमी प्रति घंटा हो जाएगी जो आठ मई तक 75 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है। इसके साथ ही आईएमडी ने मछुआरों को अंडमान सागर के आस-पास, पूर्व-मध्य और बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व क्षेत्र में समुद्र में न जाने की सलाह दी है। वहीं, सरकार ने जिला अधिकारियों से विस्तृत निकासी योजना बनाने को भी कहा है।

'घबराकर आवश्यक वस्तुओं की जरूरत से ज्यादा खरीदारी न करें लोग'
वहीं, राज्य के खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री आरपी स्वैन ने लोगों से अनुरोध किया है कि वह घबराहट में आवश्यक वस्तुओं का भंडारण न करने लगें। उन्होंने कहा कि इससे बाजार में एक भ्रामक कमी की स्थिति बनेगी और इससे केवल कालाबाजारी करने वालों को फायदा पहुंचेगा। स्वैन ने कहा कि हम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

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