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CISF: सीआईएसएफ में तैयार हो रहे 'साइबर कमांडो', आईआईटी मद्रास में 35 जवान कर रहे छह सप्ताह का एडवांस कोर्स

Thu, 11 Jun 2026 02:47 PM IST
Asmita Tripathi डिजिटल ब्यूरो ,अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के '5000 साइबर कमांडो' तैयार करने के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अपने जवानों के लिए एक विशेष साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है।
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साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के '5000 साइबर कमांडो' तैयार करने के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अपने जवानों के लिए एक विशेष साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए सीआईएसएफ के 35 जवान, आईआईटी मद्रास में छह सप्ताह का एडवांस कोर्स कर रहे हैं। यह कोर्स आठ जून से शुरू हुआ है। 

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जवानों को दिया जा रहा ये खास प्रशिक्षण ... 
छह सप्ताह के इस कोर्स में जवानों को नेटवर्क और क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर खतरों की पहचान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इंसिडेंट रिस्पॉन्स और कानूनी ढांचे जैसे महत्वपूर्ण विषयों की गहरी ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य जवानों की साइबर क्षमताओं को बढ़ाना है, ताकि वे भविष्य में उभरने वाले डिजिटल खतरों और चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर सकें।
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साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने की कोशिश ... 
सीआईएसएफ अपने जवानों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। यह गृह मंत्रालय के तहत आने वाले 'भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र' (I4C) के राष्ट्रव्यापी क्षमता निर्माण अभियान में भी बढ़-चढ़कर योगदान दे रहा है। सीआईएसएफ ने इसके लिए एक मजबूत ट्रेनिंग सिस्टम तैयार किया है। इसी का नतीजा है कि अब तक बल के 1600 से अधिक जवानों को नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी दिल्ली और गांधीनगर, डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस टेक्नोलॉजी पुणे और नेशनल पुलिस अकादमी हैदराबाद जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में साइबर सुरक्षा और साइबर कमांडो का ट्रेनिंग कोर्स कराया जा चुका है। 
 

सीईआरटी-इन से मान्यता और भविष्य की तैयारी ... 
सीआईएसएफ खुद को 'इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑडिटिंग ऑर्गेनाइजेशन' के रूप में सीईआरटी-इन के साथ लिस्टेड कराने की दिशा में भी कदम उठा रहा है। इसके लिए जवानों को इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी और ISO/IEC 27001 सर्टिफिकेशन प्रोग्राम कराए जा रहे हैं, ताकि बल के भीतर ही साइबर सुरक्षा ऑडिटिंग, कम्प्लायंस और रिस्क मैनेजमेंट की क्षमताएं विकसित की जा सकें।

देश के महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध ... 
एक आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार बल होने के नाते, सीआईएसएफ पर देश के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। इसमें हवाई अड्डे, परमाणु ऊर्जा संयंत्र, बंदरगाह, मेट्रो नेटवर्क और सरकारी इमारतें शामिल हैं। आज के दौर में जैसे-जैसे भौतिक सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा के बीच का दायरा सिमट रहा है, सीआईएसएफ इन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को हर तरह के साइबर हमलों से सुरक्षित रखने के लिए खुद को लगातार अपग्रेड कर रहा है।

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अब साइबर सुरक्षा में भी देंगे कंसल्टेंसी ... 
सीआईएसएफ देश का एक ऐसा प्रमुख बल है जो सरकारी और निजी, दोनों क्षेत्रों को सुरक्षा और आग से बचाव के लिए तकनीकी सलाह देता रहा है। बल ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि, मुंबई और पुणे के बिजनेस पार्क्स, आईआईएम इंदौर, बीएचयू और दिल्ली पुलिस मुख्यालय जैसे बड़े और प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स को सुरक्षा परामर्श दिया है। अब साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में ये प्रमाणित क्षमताएं हासिल करने के बाद, सीआईएसएफ एक 'पूर्ण सुरक्षा प्रदाता' के रूप में उभर रहा है। जल्द ही, सीआईएसएफ सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों को साइबर सुरक्षा कंसल्टेंसी की सेवाएं भी देना शुरू करेगा।

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