भारतीय हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के सर्वर पर रविवार को साइबर अटैक हुआ था। इस अटैक में एनएचएआई के सर्वर, ईमेल और फोन को निशाना बनाया गया। अब हमलावरों ने चोरी की गईं कुछ जानकारियों को सार्वजनिक कर दिया है। हमलावरों ने कुछ फाइलों का विवरण इंटरनेट पर डाला है।
रैनसमवेयर के संचालकों ने उनके द्वारा कॉपी और एन्क्रिप्ट किए गए डेटा की कुल मात्रा का सिर्फ 5 फीसदी लीक होने का दावा किया है। हमलावरों ने पूर्व एनएचएआई अध्यक्ष और एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी से संबंधित डेटा लीक किया है, जिसमें दावा किया गया है कि पूर्व एनएचएआई प्रमुख से संबंधित फोल्डर में उनके पासपोर्ट, बैंक विवरण, यात्रा और निवेश के विवरण सहित अन्य जानकारी है।
इसी तरह, अन्य पूर्व अधिकारी की जिप फाइल में उनके व्यक्तिगत विवरण, कंपनियों के वित्तीय रिकॉर्ड और कर रिकॉर्ड हैं। डेटा हानि के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में और क्या उन्हें हमलावरों से कोई संकेत मिला है पर एनएचएआई ने कहा, एनएचएआई में सबसे अच्छी सुरक्षा प्रणाली, नेटवर्क एक्सेस कंट्रोल, फायरवॉल, आईपीएस और सॉफ्टवेयर डिफाइंड नेटवर्क आदि हैं।
बता दें कि रविवार को हुए इस साइबर अटैक के कारण अथॉरिटी के कंप्यूटर और फोन को लगभग 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया था। सरकार इस अटैक में शामिल लोगों का पता लगा रही है। सीईआरटी-इन ने पहले ही बता दिया था कि भारत में बड़े पैमाने पर साइबर अटैक हो सकता है।
साइबर अटैक में एनएचएआई के डाटा और सूचना को चुराने की कोशिश की गई थी। इस वायरस अटैक को किसने किया और इससे क्या नुकसान हुआ है, इसके बारे में पता लगाया जा रहा है। सभी सिस्टम्स सोमवार शाम तक शटडाउन थे। अथॉरिटी ने इस बारे में एनआईसी को भी सूचना दे दी थी।