कांग्रेस ने देश में कोरोना वायरस महामारी के कारण पैदा हुए संकट के हालातों पर विचार करने के लिए बृहस्पतिवार को कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक बुलाई है। यह बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी।
पार्टी के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल के अनुसार, इस बैठक में सीडब्ल्यूसी के सदस्य, स्थायी और विशेष आमंत्रित सदस्य के साथ कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस इस बैठक में छोटे कारोबारों, मजदूरों, किसानों और वेतनभोगी वर्गों के लिए राहत पैकेज की मांग करते हुए सरकार के सामने कुछ सुझाव रखेगी।
बता दें कि इससे पहले दो अप्रैल को सीडब्ल्यूसी की बैठक हुई थी, जिसमें कोरोना वायरस संकट पर चर्चा की गई थी। इसके साथ ही इस बैठक में सरकार से छोटे उद्योगों, किसानों, मजदूरों और वेतनभोगी वर्ग के लिए राहत की मांग की गई थी।
दो अप्रैल को हुई सीडब्ल्यूसी बैठक में कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए कांग्रेस अंतिरम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपनी चिंता व्यक्त की थी। सोनिया गांधी ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) में कहा था कि कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिए स्थिर और विश्वसनीय जांच का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा था कि संकट की इस घड़ी में हमारे डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य कर्मियों को हरसंभव सहयोग की जरूरत है। उन्होंने लॉकडाउन को जरूरी बताया था, लेकिन साथ ही यह भी कहा था कि इसे बिना तैयारी लागू करने से लाखों प्रवासी मजदूरों को परेशानी और तकलीफ उठानी पड़ रही है।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में सोनिया गांधी के साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद, पी. चिदंबरम, कैप्टन अमरिंदर सिंह, अधिरंजन चौधरी, पीएल पुनिया, रणदीप सुरजेवाला, रघुवीर मीणा, रजनी पाटिल, अंबिका सोनी, रोहन गुप्ता, केसी वेणुगोपाल राव, ओमान चांडी, आरपीएन सिंह, लालजी देसाई, श्रीनिवास बीवी, मोतीलाल वोरा, जितिन प्रसाद जैसे नेता शामिल थे।