कांग्रेस पार्टी कर्नाटक के सत्ता संघर्ष के चलते कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक नहीं बुला पा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सीडब्ल्यूसी में इस्तीफा दिए हुए 45 दिन हो चुके हैं। तीन जुलाई को राहुल गांधी ने दोबारा साफ कर दिया कि वे अब कांग्रेस अध्यक्ष नहीं हैं। पहले खबरें आई थीं कि 10 जुलाई को सीडब्ल्यूसी की बैठक संभावित है लेकिन बैठक कब होगी किसी को पता नहीं है। जबकि सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद ही पार्टी में नेतृत्व संकट और नए अध्यक्ष को लेकर कोई प्रक्रिया शुरू होगी।
वरिष्ठ महासचिव मोतीलाल वोरा का इस संबंध में कहना है कि वे महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल के साथ सीडब्ल्यूसी की संभावित तारीख पर चर्चा करेंगे। दरअसल कर्नाटक में मचे घमासान के बाद पार्टी का पूरा फोकस उसी ओर है। सीडब्ल्यूसी के जुड़े नेताओं में महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल कर्नाटक इकाई के प्रभारी हैं लिहाजा वहीं डेरा डाले हैं।
कर्नाटक के पूर्व सीएम के सिद्दारमैय्या वहीं डटे हैं जबकि गुलाम नबी आजाद और मल्लिकार्जुन खड़गे को भी बंगलूरू भेजा गया है। महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी विदेश गई थीं और बुधवार को वे लौट आई हैं। ऐसे में नहीं लगता कि जब तक कर्नाटक के संकट का समाधान नहीं होता पार्टी सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाएगी।
उधर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने खुले आम अपनी पीड़ा बतानी शुरू कर दी है। पहले डॉ. कर्ण सिंह और फिर जनार्दन द्विवेदी खुलकर सीडब्ल्यूसी की बैठक जल्द बुलाने की बात कह चुके हैं। दरअसल पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के किसी युवा को अध्यक्ष बनाने के सुझाव के बाद वरिष्ठ नेताओं में खलबली मची है।