स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के मकसद से केंद्र सरकार ने शिक्षक बनने की पढ़ाई व ट्रेनिंग कर शिक्षकों की हाजिरी पर सख्ती लागू कर दी है। देश के सभी बीएड, डाइट व निजी कालेजों में पढ़ाई कर रहे दस लाख विद्यार्थियों की हाजिरी अब रजिस्टर की बजाय बायोमेट्रिक तरीके से होगी। कॉलेज को बायोमेट्रिक हाजिरी की पूरी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करनी पड़ेगी। यदि कोई कॉलेज विद्यार्थियों की हाजिरी के तय नियमों में फर्जीवाड़ा करता है तो उसकी मान्यता तक रद होगी।
केंद्र सरकार ने देश के सभी राज्य सरकारों के अलावा बीएड, डाइट व निजी कॉलेज प्रबंधन को बायोमेट्रिक हाजिरी की जानकारी भेज दी है। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) के सदस्य सचिव संजय अवस्थी की ओर से बुधवार को राज्य सरकारों के शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी को इस संबंध में पत्र लिखा है।
एनसीटीई प्रबंधन के मुताबिक, बीएड, एमपीएड, डीएलएड और डीपीएड के विद्यार्थियों की अब रजिस्टर की बजाय बायोमेट्रिक तरीक से उपस्थिति दर्ज होगी। एनसीटीई को शिकायत मिली थीं कि निजी कॉलेज अतिक्ति पैसे लेकर विद्यार्थियों को रजिस्टर में उपस्थित कर देते हैं। इसी के चलते रजिस्टर की बजाय बायोमेट्रिक हाजरी ली जाएगी। इससे कॉलेज प्रबंधन कोई फर्जीवाड़ा नहीं कर पाएंगे।