सूत्र बताते हैं कि वर्मा और अस्थाना सीवीसी को पिछले छह महीने से लिखित तौर पर एक दूसरे के खिलाफ आरोप लगा रहे थे। लिहाजा सीवीसी को ही इसकी मध्यस्थता की जिम्मेदारी दी जा रही है। अस्थाना के खिलाफ एफआईआर के बाद वर्मा ने उनके निलंबन की सिफारिश भी की है, लेकिन सरकार की तरफ से हरी झंडी नहीं मिल रही है।