ओडिशा विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुक्रवार से शुरू हो गया। सत्र के दूसरे दिन शनिवार को विधानसभा में कस्टोडियल डेथ का मुद्दा जमकर उठा। पहले दिन भी इसपर जमकर हंगामा हुआ था। बता दें कि पुरी और बीरमित्रपुर में हुए कथित कस्टोडियल डेथ के मुद्दे को भाजपा नेता पी के नाइक उठाया।
इसके बाद इस पर खूब हंगामा हुआ। भाजपा ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। भाजपा ने राज्य सरकार द्वारा पुरी एसपी अखिलेश्वर सिंह के ट्रांसफर की कार्रवाई को खारिज कर दिया और उसके निलंबन की मांग की। बता दें कि ओडिशा विधानसभा का शीतकालीन सत्र 40 दिन यानी 31 दिसंबर तक जारी रहेगा, जो प्रतिदिन साढ़े चार घंटे चलेगा।
पुरी में हिरासत में हुई व्यक्ति की मौत के मामले में राज्य सरकार को नोटिस
ओडिशा उच्च न्यायालय ने पुरी में हिरासत में एक व्यक्ति की मौत से संबंधित जनहित याचिका पर शुक्रवार को राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। याचिका में इस मामले की अदालत की निगरानी में जांच कराने, दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की अपील की गई है।
मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और वकील तथा पुरी शहर के सामाजिक कार्यकर्ता सरत कुमार रायगुरू द्वारा दाखिल इस याचिका को अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
याचिका में पुरी के एसपी और बसेली साही थाने के प्रभारी निरीक्षक को प्रतिवादी बनाया गया है। इसमें आरोप लगाया गया है पुरी पुलिस ने मृतक के परिवार को बताए बगैर जल्दबाजी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
पुरी पुलिस ने 30 वर्षीय स्थानीय व्यक्ति के रमेश को बुधवार को उसके खिलाफ लंबित कुछ मामलों में हिरासत में ले लिया था। बाद में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां बृहस्पतिवार को उसकी मौत हो गई।