एनएमसी द्वारा भगवान धन्वंतरि के चित्रण को लोगो में शामिल करने के बाद आईएमए केरल द्वारा कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ धर्मनिरपेक्ष संदेश ही स्वीकार्य है। एनएमसी ने कहा कि लोगो पहले से था, बस रंगीन किया गया।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के लोगो पर रार थमने का नाम नहीं ले रहा है। भगवान धन्वंतरि के चित्रण को लोगो में शामिल करने पर आईएमए केरल ने आपत्ति जताई है। इसी बीच, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के अधिकारियों ने शुक्रवार को मामले पर कहा कि हिंदू देवता धन्वंतरि का चित्रण आयोग के लोगो पर तकरीबन एक वर्ष से अधिक समय से इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही कहा कि केवल महीने भर पहले इंडिया के जगह भारत लिखा गया है।
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एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड के सदस्य डॉ. योगेन्द्र मलिक ने कहा कि पूर्ववर्ती मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के लोगो में एक ग्रीक देवी का प्रतीक था। उन्होंने कहा, डेढ़ वर्ष पूर्व एनएमसी ने व्यापक परामर्श के बाद भगवान धन्वंतरि के चित्रण को लोगो में शामिल किया था। पहले चित्रण काले और सफेद रंग में थी, अब यह चित्रण रंगीन हो गया है। यही एकमात्र बदलाव किया गया है।
बता दें आईएमए केरल द्वारा लोगो को लेकर कड़ी आपत्ति जताई गई थी। आईएमए केरल ने कहा था कि एनएमसी लोगो में यह बदलाव स्वीकार्य नहीं है। विवाद पर आईएमए केरल के अध्यक्ष डॉ नूहू ने कहा कि एनएमसी के लोगो में एक धर्मनिरपेक्ष संदेश स्वीकार्य है। एक डॉक्टर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आईएमए के लोगो परिवर्तन पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने अपने पोस्ट पर पूरा लोगो और नए लोगो की तस्वीर को साझा किया। वहीं सोशल मीडिया पोस्ट पर डॉ. नूहू ने कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र जाति और धर्म से ऊपर है। इस क्षेत्र में जातिगत या धार्मिक विचार लाने की कोशिश अस्वीकार्य है।