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कोरोना वायरस: त्रिपुरा में कर्फ्यू 17 जुलाई तक बढ़ा, 138 सैंपल में मिला कोरोना का डेल्टा स्वरूप

Sun, 11 Jul 2021 02:24 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, अगरतला।

सार

151 सैंपल को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए कोलकाता की प्रयोगशाला में भेजा गया था। जिनमें से 90 फीसदी से अधिक नमूनों में डेल्टा स्वरूप मिला।
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कोरोना वायरस की जांच - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच त्रिपुरा में जांच के लिए भेजे गए 151 नमूनों में से 138 में कोरोना के डेल्टा स्वरूप की पुष्टि हुई है।

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राज्य सरकार ने शनिवार को रोजाना 15 घंटे के कर्फ्यू को 17 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। राजस्व सचिव तनुश्री देबबर्मा के मुताबिक शनिवार और रविवार को पाबंदियों में और दो घंटे का इजाफा किया गया है। रोजाना कर्फ्यू दोपहर बाद 2 बजे से सुबह 5 बजे तक जारी रहेगा।

अगरतला मेडिकल कॉलेज में माइक्रोबायोलॉजी के प्रमुख डॉ तपन मजुमदार ने कहा कि 151 सैंपल को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए कोलकाता की प्रयोगशाला में भेजा गया था। जिनमें से 90 फीसदी से अधिक नमूनों में डेल्टा स्वरूप मिला।
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कोविड-19 के निगरानी अधिकारी डॉ. दीप कुमार देबबर्मा ने कहा कि ‘डेल्टा प्लस’ स्वरूप 138 नमूनों में मिले हैं, 10 में डेल्टा और तीन में यूके वैरिएंट मिले हैं। डॉ. मजुमदार ने कहा कि यदि सावधानी नहीं बरती गई तो यह बहुत तेजी से फैल सकता है।

गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस हफ्ते की शुरुआत में कहा था कि 28 राज्यों और 7 के शासित प्रदेशों के 174 जिलों में  कोरोनावायरस के ‘वेरिएंट ऑफ कंसर्न’ के मामले सामने आए हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और गुजरात से हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया इनकार, कहा- त्रिपुरा में डेल्टा प्लस से संक्रमण का कोई मामला नहीं
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को बताया कि त्रिपुरा में अब तक जिन कोविड-19 नमूनों का अनुवांशिकी अनुक्रमण किया गया है उनमें वायरस के डेल्टा प्लस प्रकार से संक्रमण का एक भी मामला नहीं आया है।

मंत्रालय ने यह स्पष्टीकरण पूर्वोत्तर राज्य में डेल्टा प्लस प्रकार के बढ़ते संक्रमण का दावा करती प्रकाशित कुछ खबरों के मद्देनजर दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि त्रिपुरा से 152 नमूने कल्याणी स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जिनोमिक्स (एनआईबीएमजी) अनुवांशिकी अनुक्रमण (जिनोम सिक्वेंशिंग) के लिए भेजे गए थे। ये नमूने आकस्मिक पद्धति से अप्रैल और मई 2021 के दौरान आरटी-पीसीआर जांच में संक्रमित पाए गए मरीजों से एकत्र किए गए थे।
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मंत्रालय ने बताया कि इन नमूनों की जांच में खुलासा हुआ कि तीन नमूने बी.1.1.7 सं संक्रमित थे, जबकि 11 नमूनों में बी.1.617.1 (कप्पा) प्रकार मिला जबकि 138 नमूने बी.1.617.2 (डेल्टा) से संक्रमित थे। इनमें से कोई भी नमूना डेल्टा प्लस से संक्रमित नहीं मिला।

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