हाल में ही जारी हुए एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स के जवान नक्सली हमले की तुलना में बीमारियों और अन्य वजहों से 15 गुना ज्यादा शहीद हो रहे हैं। इस रिपोर्ट में नक्सल प्रभावित सभी 11 राज्यों का आंकड़ा लिया गया है।
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सीआरपीएफ के जवान
इस रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2016 से जुलाई 2018 तक गैर नक्सली कारणों से 1294 जवानों की मौत हुई है। जबकि इस दौरान नक्सली हमले में 85 जवान शहीद हुए हैं।
पुलवामा अटैक में शहीद जवानों को दी गई श्रद्धांजलि
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गैर नक्सली कारणों में हृदयगति का रुकना, डेंगू-मलेरिया, आत्महत्या आदि शामिल है। साल 2016 में हुए नक्सली हमलों में छत्तीसगढ़ में 14, बिहार में 11 और झारखंड में 2 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। जबकि साल 2017 में नक्सली हमलों में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे।
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2017 में सबसे ज्यादा 39 जवान छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए थे। इसके अलावा 1 जवान महाराष्ट्र में शहीद हुआ था। 2018 में छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमलों में 11 जवान शहीद हुए थे जबकि झारखंड में 2 और बिहार में एक जवान शहीद हुआ था।
सीआरपीएफ
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ये हैं नक्सल प्रभावित राज्य
देश में नक्सल प्रभावित राज्यों में आंध्रप्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के 90 जिले शामिल हैं।
इनमें से आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना के 30 जिले सबसे ज्यादा नक्सली गतिविधियों वाले हैं। अकेले झारखंड के 13 जिले सबसे ज्यादा नक्सली गतिविधियों का केंद्र हैं।